घर-घर सर्वे करने जा रहीं आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कई दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा हैं। कई लोग आशाओं को एनआरसी वाला बता रहे हैं। जबकि कई लोगों ने कहा कि जब अखबारों में निकलेगा तभी सर्वे करने आइएगा।
दो दिन पूर्व तुलसीपुर में सर्वे करने गई आशा से स्थानीय लोगों ने कहा कि अखबार में सूचना आ जाए तभी सर्वे करने आएं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सर्वे की छपी खबरों के साथ आशाओं को भेजा तब उन्हें विवरण मिल सका। जबकि सुल्तानपुर भावा के कालीमंदिर के पास रह रहे लोगों ने कहा कि एनआरसी वाले हैं। उन्होंने अपना विवरण नहीं दिया।
टेस्ट कराने वाले मांग रहे रिपोर्ट
एंटीजन टेस्ट कराने वाले अपनी जांच रिपोर्ट मांग रहे हैं। हालांकि एंटीजन टेस्ट के दौरान उन्हें आधे घंटे मेें ही बता दिया जा रहा है कि उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है लेकिन लोग लिखित में मांग रहे हैं।
हालांकि, कुछ अधिकारियों ने सुझाव भी दिया कि लोगों के मोबाइल पर ही उनकी जो भी रिपोर्ट आई हो उसे भेज दिया जाए। या फिर एक प्रोफार्मा तैयार कर उसमें पॉजिटिव, निगेटिव की रिपोर्ट दे दी जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों और चिकित्सकों का कहना है कि लोग लिखित तौर पर अपनी रिपोर्ट मांग रहे हैं। कई बार तो लोग रिपोर्ट के लिए हंगामा भी करने लगते हैं।