इसके बाद एक बार फिर से प्राधिकरण ने नैनी एसटीपी के पास नई टाउनशिप की योजना बनाई, इसके लिए भी पूरा लेआउट तैयार करा लिया गया। इसके बाद से यह योजना भी अधर में है। ऐसे में लोगों के पास प्राधिकरण से आवास लेने का विकल्प ही लगभग समाप्त हो गया है। वर्तमान में भी प्राधिकरण सिर्फ सड़कों के निर्माण और शहर के सौदर्यीकरण पर ही ध्यान दे रहा है, लेकिन नई टाउनशिप के लिए प्राधिकरण के पास फिलहाल कोई योजना नहीं है। वहीं, सीमा विस्तार के बाद प्राधिकरण के क्षेत्र का भी विस्तार हुआ है। इस विस्तारित क्षेत्र में निजी बिल्डर लगातार आवासीय योजना ला रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण उनसे काफी पीछे है।
कास्तकार प्राधिकरण को जमीन देने में नहीं ले रहे रुचि
जमीन की कमी और लैंड बैंक खाली हाेने के कारण प्राधिकरण ने विस्तारित क्षेत्र में कास्तकारों से जमीन खरीदने की योजना बनाई थी। करीब साल भर पहले बनी योजना के बाद भी कास्तकार प्राधिकरण को जमीन देने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके पीछे बड़ा कारण प्राधिकरण की तरफ से जमीन की तय कीमत है। वहीं, प्राधिकरण से अधिक कीमत पर निजी बिल्डर जमीन खरीद कर आवासीय योजना तैयार करा रहे हैं। इस बारे में प्राधिकरण के अधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।