Prayagraj News : श्वेता मिश्रा, पीसीएस टॉपर।
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स्कूली शिक्षा के दौरान आपने कितने अंक हासिल किए हैं, इसके बहुत मायने नहीं होते। अच्छे अंक मिलने से हौसला जरूर बढ़ता है, लेकिन कम होने से दरवाजे बंद नहीं हो जाते। खुद पर विश्वास होना चाहिए। लगन, मेहनत से सफलता जरूर कदम चूमेगी। यह कहना है उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2022 में 17वीं रैंंक के साथ एसडीएम पद के लिए चयनित श्वेता मिश्रा का।
रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद से रिटायर डीएन मिश्रा एवं कृष्णा की पुत्री श्वेता का कहना है कि दसवीं और बारहवीं दोनों ही कक्षाओं में 84 फीसदी अंक थे। अन्य विद्यार्थियों की तुलना में काफी कम थे। बारहवीं के बाद बीबीएस से बीटेक की पढ़ाई की। इसके बाद वह सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गईं। श्वेता ने बताया कि आईएएस का दो बार इंटरव्यू दिया लेकिन सफलता नहीं मिली। इससे पहले पीसीएस-2019 में सहायक आयुक्त उद्योग के पद पर चयन हो चुका है और लखनऊ में तैनात हैं। अब एसडीएम पद पर चयन हुआ है।