पीसीएस और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ)/क्षेत्रीय वन अधिकारी (आरएफओ) के 364 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा रविवार को आयोजित की जाएगी। पहले के मुकाबले इस बार प्रारंभिक परीक्षा में सफल होना अभ्यर्थियों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
पहली बार प्रारंभिक परीक्षा में एक पद के मुकाबले मुख्य परीक्षा के लिए 13 अभ्यर्थियों को सफल घोषित करने का निर्णय लिया गया है, जबकि इससे पहले एक पद के मुकाबले 18 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया जाता था।
परीक्षा के लिए प्रदेश के 19 जिलों में 1166 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो पालियों सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक और अपराह्न 2.30 से सांय 4.30 बजे तक आयोजित की जाएगी। पीसीएस के 309, एसीएफ के दो और आरएफओ के 53 पदों पर भर्ती के लिए पांच लाख 42 हजार 644 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से पहले बार पीसीएस परीक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके साथ ही पहली बार सभी अभ्यर्थियों के लिए आईडी को भी अनिवार्य किया गया है। इससे पहले केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को आईडी लाना होता था, जिनके प्रवेशपत्र पर फोटो नहीं होती थी लेकिन इस बार सभी को आईडी लाना होगा।
परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और वीडियो कैमरे की मदद ली जाएगी। पेपर, बुकलेट और ओएमआर के पैकेट खुलते वक्त उसकी वीडियोग्राफी होगी और ओएमआर को सील किए जाने की प्रक्रिया की भी वीडियोग्राफी होगी।
इसके अलावा परीक्षार्थियों की दो चरणों में जांच की जाएगी। पहले चरण में परीक्षा केंद्र के मेन गेट पर और दूसरे चरण में परीक्षा कक्ष के गेट पर जांच की जाएगी। केंद्रों में पुरुष और महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
इन जिलों में होगी प्रारंभिक परीक्षा
प्रयागराज, आगरा, आजमगढ़, बरेली, बाराबंकी, गोरखपुर, अयोध्या, गाजियाबाद, जौनपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, रायबरेली, सीतापुर, वाराणसी, मथुरा एवं मिर्जापुर।
प्रयागराज में बनाए गए 111 केंद्र
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रयागराज में 111 केंद्र बनाए गए हैं और इन केंद्रों में 51 हजार 768 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों को कुल 38 सेक्टर में बांटा गया है और हर सेक्टर के लिए एक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। वहीं, प्रत्येक केंद्र में एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी।