उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2015 भर्ती को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। एक महिला अभ्यर्थी को मुख्य परीक्षा में फेल कर दिया गया। जबकि, आरटीआई के अंतर्गत कॉपी दिखाए जाने के बाद उसके अंक कटऑफ से अधिक निकले। गौर करने वाली बात यह भी है कि अभ्यर्थी कोपहले किसी दूसरे की कॉपी दिखाई गई थी। आपत्ति के बाद सही कॉपी दिखाई गई। अंतिम परिणाम की घोषणा के बाद छात्रा का अलग से साक्षात्कार लिया गया। वह भी अंतिम परिणाम की घोषणा के तकरीबन एक साल बाद। हालांकि छात्रा का अंतिम रूप से चयन नहीं हो पाया। इस तरह का मामला सामने आने के बाद आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति की ओर से सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका में इसे भी साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा। गड़बड़ी की आशंका जताते हुए प्रतियोगियों ने सभी अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिका सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
आयोग की यह भर्ती शुरू से ही विवादों में रही। पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में एक पेपर आउट हो गया था। इसके बाद 2015 में 10 मई को दोबारा परीक्षा कराई गई। इसके बाद प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की 29 जून से 16 जुलाई के बीच मुख्य परीक्षा हुई। मुख्य परीक्षा का रिजल्ट एक दिसंबर 2015 को घोषित हुआ। साक्षात्कार के बाद अंतिम परिणाम 2016 में 29 फरवरी को घोषित हुआ।
मुख्य परीक्षा में असफल महिला अभ्यर्थी को आरटीआई के अंतर्गत पहले 14 सिंतबर 2016 को कॉपी दिखाई गई। आरोप है कि उस दिन दूसरे की कॉपी दिखाई गई थी। उसमें समाजकार्य के एक पेपर में मात्र 47 अंक मिले थे।
इस पर अभ्यर्थी ने फिर आपत्ति जताई तो 17 नवंबर को दोबारा कॉपी दिखाई गई। इसमें महिला अभ्यर्थी को 88 अंक मिले थे। इसके बाद कुल मिलाकर अभ्यर्थी के अंक कटऑफ से अधिक हो गए। इस आधार पर उनका 16 फरवरी 2017 को को साक्षात्कार हुआ। फिर आयोग की ओर से 22 फरवरी को पत्र भेजकर बताया गया कि अंतिम रूप से उनका चयन नहीं हो सका है। समिति के अवनीश पांडेय का कहना है कि इस मामले ने कई सवाल खड़े किए हैं। अवनीश का आरोप है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद आयोग ने फिर से साक्षात्कार क्यों नहीं कराया। इसके अलावा यह भी आपत्ति है कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी आयोग की वेबसाइट पर क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई। अवनीश का कहना है कि हाईकोर्ट में पहले से याचिका दाखिल है। सप्लीमेंटरी दाखिल कर इस मामले को भी उसमें शामिल किया जाएगा।
उत्तर पुस्तिका के कोड के मिलान में चूक की वजह से छात्रा के अंक दूसरे अभ्यर्थी के प्राप्तांक में जुड़ गए थे। जबकि, दूसरे अभ्यर्थी के अंक छात्रा के प्राप्तांक में जुड़ गए। गड़बड़ी सामने आने के बाद पाया गया कि छात्रा के प्राप्तांक मुख्य परीक्षा के कटऑफ से अधिक हैं। इसलिए उन्हें साक्षात्कार में शामिल किया गया। छात्रा के अंक जुड़ने के बाद भी दूसरे अभ्यर्थी के प्राप्तांक मुख्य परीक्षा के कटऑफ से कम थे। इसलिए उन्हें साक्षात्कार में शामिल नहीं किया गया था। अटल राय, सचिव, लोक सेवा आयोग