उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में बृहस्पतिवार को भी पीसीएस अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हुआ। साक्षात्कार देने के बाद बाहर आए एक अभ्यर्थी ने बताया कि बीएससी के बाद भूगोल से एमए करने का कारण पूछा गया।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में बृहस्पतिवार को भी पीसीएस अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हुआ। साक्षात्कार देने के बाद बाहर आए एक अभ्यर्थी ने बताया कि बीएससी के बाद भूगोल से एमए करने का कारण पूछा गया। भूगोल विज्ञान है या कला? जेआरएफ क्या है? प्रशासन में भूगोल की उपयोगिता से जुड़े सवाल भी किए गए।
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करीब 17 मिनट तक विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे गए। इस दौरान अभ्यर्थी से बिना नाम और पता बताए अपना परिचय देने के लिए कहा गया। इसी तरह प्रशासनिक दृष्टिकोण पर भी अभ्यर्थियों को परखा गया। राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक निजता में संतुलन, विकास और पर्यावरण के बीच टकराव, उत्तर प्रदेश के विकास के लिए तीन प्राथमिकताएं और प्रदेश को चार राज्यों में बांटने की मांग पर विचार पूछा गया।
एक अभ्यर्थी ने बताया कि उनसे पूछा गया कि यदि आप एसडीएम हैं और आपके क्षेत्र में अचानक बाढ़ आ गई और सीमित राहत सामग्री को प्रभावित लोगों तक पहुंचाने की प्राथमिकता कैसे तय करेंगे? जलवायु परिवर्तन और मौसम परिवर्तन में अंतर भी पूछा गया।
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इसके अलावा ई-20 ईंधन से किसानों को होने वाले संभावित लाभ और नुकसान पर अभ्यर्थी की राय जानी गई। महिला सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण में अंतर, विभिन्न योजनाओं के बावजूद महिलाओं की कम श्रम भागीदारी और वरिष्ठ महिलाओं की निशुल्क बस यात्रा को महिला सशक्तीकरण से जोड़कर भी सवाल किया गया।