स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में उपचार कराना मरीज को भारी पड़ गया। पहले तो उसे रेफर कराने को लेकर भर्ती नहीं किया गया। जब रेफर कागज बनवा लिया गया तो फिर उसे किसी बहाने से भर्ती किए जाने से टाला जाता रहा। बाद में पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने दबाव बनाया तब जाकर मरीज को भर्ती किया गया। इसके चलते चिकित्सालय परिसर में पांच घंटे तक हंगामा मचा रहा।
माया शंकर दुबे (55) ग्राम पनौरा, पोस्ट मांडा के ग्राम पनौरा के रहने वाले माया शंकर दुबे टैगोर टाउन स्थित निजी क्लीनिक पर उपचार के लिए गए थे। उन्हें पैर में चोट लगी थी और वह डायबिटीज के मरीज है। चिकित्सक को दिखाने गए थे। इसी दौरान वह चक्कर खाकर गिर पड़े और बेहोश हो गए। आसपास के लोगों ने 100 नंबर डायल कर पुलिस बुला ली। 108 नंबर की एंबुलेंस को भी फोन कर लोगों ने बुलाया। उसके बाद उन्हें एंबुलेंस से एसआरएन ले जाया गया। दोनों सिपाही दयाशंकर और शैलेंद्र राय साथ में आए। एसआरएन में भर्ती को लेकर इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सकों से कहासुनी हुई। सिपाहियों ने कहा कि चिकित्सकों ने भर्ती करने से मना कर दिया।
चिकित्सकों का कहना है कि मरीज को रेफर कराकर लाओ। सिपाही मरीज को बेली लेकर चले गए, जहां उसका प्राथमिक उपचार कर एसआरएन रेफर कर दिया गया। इसके बावजूद माया शंकर को एसआरएन में भर्ती नहीं किया गया। वह इमरजेंसी के सामने पड़ा रहा। शाम को सिपाहियों ने अपने उच्चाधिकारियों को बताया तो पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी पहुंच गए। इसके बाद चिकित्सालय के पीआरओ पहुंचे और मरीज को भर्ती कराया। भर्ती होने में मरीज को पांच घंटे लग गए। इतनी देर तक वह तड़पता रहा।