न्यायालय में चल रहा है मामला
यह मामला अब न्यायालय में लंबित है। वहीं, अभ्यर्थी भी लगातार शासन को पत्र लिखकर राहत की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2022 के विज्ञापन में आईटीआई अनुदेशक के 50 फीसदी पद आईटीआई डिप्लोमा एवं सीआईटीएस प्रमाणपत्र की अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों और 50 फीसदी पद बीटेक या डिप्लोमा और सीआईटीएस प्रमाणपत्र की अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं।
अभ्यर्थियों का दावा है कि देश भर में बीटेक या डिप्लोमा के साथ सीआईटीएस प्रमाणपत्र की अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 200 से अधिक नहीं है। ऐसे में आईटीआई अनुदेशक के आधे पद खाली ही रह जाएंगे। फिलहाल, सेवा नियमावली में संशोधन के लिए प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
ऐसे में सिर्फ बीटेक एवं डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों को आगामी भर्तियों में शामिल होने का मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वहीं, अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि सेवा नियमावली में संशोधन बाद 2022 में जारी विज्ञापन के तहत आवेदन दोबारा लिए जाएं, ताकि जिन बीटेक एवं डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों के पास सीआईटीएस प्रमाणपत्र नहीं है, उन्हें भी 2022 की भर्ती में शामिल होने का मौका मिल सके। वैसे भी 2021 में सेवा नियमावली में संशोधन और 2022 में जारी विज्ञापन के बीच एक माह का अंतराल होने के कारण अभ्यर्थियों को सीआईटीएस प्रमाणपत्र के लिए प्रयास करने का मौका भी नहीं मिल सका।