कसारी-मसारी में 1123 वर्ग मीटर भूमि पर स्थगन के बावजूद नक्शा पास कराना कुछ अधिकारियों के भी गले की हड्डी बन सकता है। पता चला है कि कुछ जिम्मेदार अफसरों ने इस प्लॉट पर नक्शा पास कराने के लिए 60 लाख रुपये जमा कराए थे। यह रकम वापस होगी या जब्त... अफसर इस पर मौन हैं।
हाईकोर्ट के स्टे आदेश को अंधेरे में रखकर स्वीकृत नक्शा पीडीए ने निरस्त कर दिया है। पीडीए दो कर्मचारियों को पहले ही निलंबित कर चुका है, जबकि एई के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया था। इसी मामले में डीएम के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) कुंवर पंकज ने कोरांव एसडीएम को लेखपाल विवेक कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।
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कसारी-मसारी में 1123 वर्ग मीटर भूमि पर स्थगन के बावजूद नक्शा पास कराना कुछ अधिकारियों के भी गले की हड्डी बन सकता है। पता चला है कि कुछ जिम्मेदार अफसरों ने इस प्लॉट पर नक्शा पास कराने के लिए 60 लाख रुपये जमा कराए थे। यह रकम वापस होगी या जब्त... अफसर इस पर मौन हैं। नक्शा विभाग के प्रभारी जोनल अधिकारी टीएन सिंह ने पूछने पर कहा, इसकी एक प्रक्रिया है। क्या हुआ है और क्या होगा, इस पर वह अभी कुछ कह नहीं सकते।
नक्शा स्वीकृति को लेकर जमा रकम को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिलहाल तथ्यों को छिपाकर पास कराया गया नक्शा बृहस्पतिवार को निरस्त कर दिया गया है। पीडीए वीसी कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है। इस मामले में झूठा हलफनामा देने वाली रिचा सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वीसी अरविंद चौहान इस मामले में दो कर्मियों को निलंबित कर चुके हैं।
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गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार माने गए तत्कालीन जेई बीएन सिंह पर जल्द गाज गिर सकती है। वह मौजूदा समय प्रोन्नत होकर पीडीए में सहायक अभियंता के पद पर तैनात हैं। वहीं, डीएम नवनीत सिंह चहल के निर्देश पर सीआरओ ने तत्कालीन हल्का लेखपाल विवेक कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसडीएम कोरांव को लिखा है। विवेक फिलहाल कोरांव में ही तैनात हैं।