लगातार पैरोल बढ़ाने पर सपा विधायक यादव विजमा ने जताई है आपत्ति
याची के लगातार बढ़ाए जा रहे पैरोल पर प्रतिवादी (मृतक जवाहर यादव की पत्नी सपा विधायक विजमा यादव) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे पैरोल को सहीं नहीं माना है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि चिकित्सकीय आधार पर इतने लंबे समय तक पैरोल नहीं दिया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने याची की ओर से पहले से दाखिल अर्जी को निस्तारित करने को कहा है।
याची उदयभान ने हाईकोर्ट में ट्रायल कोर्ट के आजीवन कारावास के फैसले को चुनौती देते हुए अर्जी दाखिल कर रखी है। इसके साथ ही जमानत की भी मांग की है। हालांकि, हाईकोर्ट ने अभी याची की ओर से पहले से दाखिल अर्जी को तय नहीं किया है। याची ने मेडिकल आधार पर पैरोल पर छोड़े जाने की मांग कोर्ट से की थी। याची ने अपनी अर्जी में कहा था कि उसकी ओपन हार्ट सर्जरी होनी है। लिहाजा, उसे पैरोल पर रिहा किया जाए, जिससे कि वह अपनी सर्जरी करा सके।
कोर्ट ने याची की परिस्थितियों को देखते हुए मई में पैरोल दे दिया। इसके साथ ही कोर्ट याची के पैरोल को लगातार बढ़ाती रही। प्रतिवादी ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई 17 मार्च को करते हुए अंतरिम राहत को आगे की तिथि तक के लिए बढ़ा दिया और याचिका को दूसरी खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष भेज दिया। अब मुख्य न्यायमूर्ति के नामित करने के बाद दूसरी खंडपीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।