पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के मंडलीय प्रभारी नसीमउद्दीन सिद्दीकी बुधवार को कांग्रेसियों से मुखातिब थे। कांग्रेस में नई जान फूंकने की कोशिश के तहत उन्होंने बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से न सिर्फ मुलाकात की बल्कि उसे पार्टी का जिम्मेदार कार्यकर्ता बताया। साथ ही ‘पन्ना प्रभारियों’ को भी मतदाताओं को बूथों तक लाने की जिम्मेदारी सौेंपी। हालांकि चेतावनी भी दी कि कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी समझें अन्यथा पदमुक्त होने के लिए तैयार रहें।
कहा, कांग्रेसजन रूठे और निष्क्रिय पार्टी कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश करें, उनके सुखदुख में शामिल हों ताकि आपसी में भाईचारा का माहौल बने। चुनाव के बाद सभी के कामों की समीक्षा होगी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तथा ज्योतिरादित्य सिंधिया को इसकी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। तय समय से पहले ही पहुंचे सिद्दीकी ने बैठक शुरू होने का इंतजार किया। उन्होंने रजिस्टर से इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर के मौजूद पदाधिकारियों की हाजिरी भी ली। उन्होंने बैठक से इतर भी कांग्रेसियों से मुलाकात करके उनके मन की बात जानी।
इससे पहले सिद्दीकी ने गोरक्षा पर डेढ़ प्रतिशत सेस टैक्स बढ़ाकर मुख्यमंत्री योगी पर शराबियों के हाथों गोरक्षा का जिम्मा सौंपने का आरोप लगाया। कहा, केंद्र और प्रदेश की सरकारें बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाकर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले मुद्दों में उलझी है। उन्होंने दावा किया कि मोदी और भाजपा के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त आक्रोश है।
कोआर्डिनेटर दीपांकर सिंह ने पार्टी में समन्वय की बात कही। अंत में जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। जिला कार्यालय में हुई बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, पूर्वमंत्री मतेश सोनकर, रामकृपाल, जवाहर दिवाकर, फुजैल हाशमी, अभय अवस्थी, संजय तिवारी, तलत अजीम, तसलीमुद्दीन, नफीस अनवर, प्रवक्ता परवेज सिद्दीकी, डॉ.सत्या पांडेय, अल्पना निषाद, जावेद उर्फी, अनिल कुशवाहा, सतीश केसरवानी आदि मौजूद थे।