गाड़ी लगभग तीन घंटे तक चलती रही
किसी सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद उन लोगों ने कारोबारी को गाड़ी से उतारा और धक्का देते हुए किसी कोठरी में ले गए। वहां पर उन्होंने कारोबारी को बैठा दिया और उसको धमकाते रहे और घरवालों से दस करोड़ की फिरौती की मांगी। गिड़गिड़ाने पर पीटने लगे। हाथ पैर के साथ आंख में पट्टी बांध दी। उस कमरे में एक आदमी से कहा कि तुम इसका ध्यान रखो।
दो दिन बाद पुलिस ने वहां छापा मारकर उन्हें छुड़ाया। वह बाहर आए तो देखा कि पुलिस ने उन्हीं चार लोगों को पकड़ रखा है, जो उनको गाड़ी में लेकर आए थे। पुलिस ने जब उनसे पूछा तो उनका नाम विकल्प श्रीवास्तव, महेन्द्र यादव, सच्चिदानन्द एवं चंद्र मोहन का पता चला।