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पं.केशरीनाथ में है राजनीति साहित्य का अद्भुत समन्वय

Sun, 11 Nov 2018 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पं.केशरीनाथ त्रिपाठी के हिन्दी गज़लों के संग्रह ‘जख्मों पर शबाब’ के संस्कृत अनुवाद ‘क्षतेषु विच्छित्ति:’ का शनिवार को लोकार्पण किया गया। भारती परिषद की ओर से प्रकाशित और संपूर्णांनंद संस्कृत विवि के पूर्व कुलपति प्रोफेसर अभिराज राजेंद्र मिश्र की ओर से संस्कृत में अनुदित पुस्तक में गजलों को संस्कृत में छंदबद्ध रूप में ही शामिल किया गया है। इससे पहले कोलकाता विवि की उर्दू विभाग की अध्यक्ष डॉ.जरीना जर्री संग्रह का उर्दू में अनुवाद कर चुकी हैं।
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मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने पं.केशरीनाथ की रचनाधर्मिता को सराहा। कहा, पंडित जी में राजनीति और साहित्य का अद्भुत समन्वय है। राजनीति और सामाजिक जीवन में उन्होंने हमेशा मार्गदर्शन किया। विशिष्ट अतिथि और पूर्व कुलपति प्रो केबी पांडेय ने कहा, वह जितने अच्छे राजनीतिज्ञ हैं, उतने ही अच्छे रचनाकार। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा, संग्रह की रचनाएं सहज और संप्रेषणीय है। समारोह के दौरान विभिन्न प्रदेशों से आए 38 साहित्यकारों, हिन्दीसेवियों को सम्मानित किया गया।

पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी के जन्मदिन पर हुए समारोह में सभी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए दीर्घायु होने की कामना की। बाद में उन्होंने पुस्तक के अनुवाद की सराहना करते हुए सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। हिन्दुस्तानी एकेडेमी सभागार में आयोजित कार्यक्रम का परिषद के महामंत्री शीलधर मिश्र शास्त्री ने संयोजन एवं संचालन किया। कार्यक्रम में एकेडेमी के कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी अमन वर्मा, आलोक चतुर्वेदी, निखत बेगम आदि मौजूद थीं। एकेडेमी में समारोह से पूर्व काशी प्रांत के मृत्युंजय तिवारी, राजेंद्र पांडे, सुशील मिश्रा, शैलेश पांडे, पंकज श्रीवास्तव, अखिलेश्वर मिश्र आदि ने पुष्पगुच्छ देकर पं.केशरीनाथ त्रिपाठी और कैबिनेट मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा का स्वागत, अभिनंदन किया।
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