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कुंभ में खाक चौक नई जगह बसाने पर रार, भूमि परिवर्तन मंजूर नहीं

Sun, 11 Nov 2018 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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कुंभ में खाक चौक के लिए भूमि परिवर्तन की बात सामने आने के बाद वैष्णव अखाड़ों ने मोर्चा खोल दिया है। खाक चौक व्यवस्था समिति ने कहा है कि किसी भी दशा में भूमि परिवर्तन स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाक चौक प्रत्येक कुंभ -महाकुंभ में जिस जगह बसता आया है, उसी जगह बसेगा। इस मसले पर मंथन के लिए खाक चौक व्यवस्था समिति की बैठक 12 नवंबर को त्रिवेणी बांध स्थित आश्रम में बुलाई गई है। इसमें सभी वैष्णव अखाड़ों के संत महामंडलेश्वर, महंत हिस्सा लेंगे।
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खाक चौक में तीनों वैष्णव आखाड़ों के 100 से अधिक महंत, महामंडलेश्वरों के शिविर शिविर लगते रहे हैं। वैष्णव अखाड़े के संतों का कहना है कि खाक चौक को प्रति वर्ष माघ मेले के हृदय स्थल के रूप में बसाया जाता रहा है। कुंभ, महाकुंभ में भी खाक चौक को निर्धारित स्थान पर बसाने की परंपरा रही है। सभी कुंभों में खाक चौक को सम्मान दिया जाता रहा है। लेकिन, इस वर्ष खाक चौक के स्थान में परिवर्तन करने की बात सामने आ रही है। खाक चौक व्यवस्था समिति के महामंत्री महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा ने शनिवार को चेताया कि परंपरा को तोड़कर अगर स्थान परिवर्तन करने की बात आएगी तो यह भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। उनका कहना है कि अखाड़े हमारे पूज्य और प्रमुख हैं। उन्हें परंपरागत स्थानों पर बसाना मेला प्रशाशन का दायित्व है। यह नहीं होना चाहिए कि किसी की जगह पर बदल बदल कर परंपरा तोड़ दी जाए।

इसके लिए 12 नवंबर को त्रिवेणी बांध स्थित रामानंदाचार्य मठ के प्रयागदास जी महाराज के आश्रम परिसर में खाक चौक व्यवस्था समित की बैठक दिन में 11 बजे से होगी। खाक चौक की भूमि के लिए देश भर से आ रहे महंत-महामंडलेश्वर दो दिन तक प्रयाग में कैंप करेंगे। जिसमें सभी जगहों के संत-महंत हिस्सा लेंगे। वैष्णव अखाड़ों के संत पहले भूमि का अवलोकन करेंगे। मेला प्रशासन की बनाई गई व्यवस्था को समझेंगे। अगर सभी अखाड़ों को उस पर सहमति होती है और खाक चौक को बसाने की परंपरा बनी रहती है तो ठीक, अन्यथा कुंभ में शिविर लगाने का विचार किया जाएगा।
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मेला प्रशासन खाक चौक की जगह परिवर्तित करने की बात कर रहा है। इसे हम कतई स्वीकार नहीं करेंगे। यही हा रहा तो वैष्णव अखाड़े कुंभ में बसे या नहीं इस पर विचार करने के लिए विवश होंगे। महामंडेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा।

गंगा की धारा परिवर्तित होने की वजह से जहां खाक चौक बसता रहा है, वहां भूमि आंवटन की गुंजाइश नहीं रह गई है। ऐसे में खाक चौक समिति के साथ समन्वय बनाने की कोशिश की जा रही है। संतों के साथ बैठकर इसका समाधान निकालेंगे। विजय किरन आनंद- कुंभ मेलाधिकारी।

प्रयागवाल सभा ने कुंभ मेला प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। तीर्थ पुरोहित डॉ. प्रकाश चंद्र मिश्र ने शनिवार को कहा कि प्रयागवाल पुरोहितों की भूमि काटकर अखाड़ों को देने की मेला प्रशासन योजना बना रहा है। मेले के सबसे बड़े समूह के रूप में प्रयागवाल 80 प्रतिशत तीर्थ यात्रियों- कल्पवासियों को स्थान देता रहा है। पहले से ही सभी सेक्टरों में प्रयागवाल को भूमि उपलब्ध कराई जाती रही है। मेला प्रशासन के अभिलेखों में भी इसका रिकार्ड है। इस बार प्रयागवाल को आठ से 10 किमी  दूर फाफामऊ से नागवासुकि तक बसाने की मेला प्रशासन ने मनमानी योजना बना रखी है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भेदभाव बंद नहीं किया गया तो प्रयागवाल सभा आंदोलन के लिए विवश होगी, उधर कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि प्रयागवाल और कल्पवासी कुंभ का अहम हिस्सा हैं। उनका आदर करते हुए भूमि सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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