मच्छर जनित स्थिति उत्पन्न करने वाले 36 लोगों को नोटिस
डेंगू से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम की ओर से शुक्रवार को 80 चुनाव वार्डों एवं सीमा विस्तारित क्षेत्रों में नियमित साफ सफाई, नालियों की निकासी के साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव व फॉगिंग कराई गई। विशेष रूप से धूमनगंज, पीएसी, चकमीरापट्टी, राजरूपपुर, पीला शिवाला, कटरा, पुराना कटरा, शांतिपुरम फाफामऊ, मेवालाल की बगिया इलाके में छिड़काव व फॉगिंग कराई गई। इसके साथ ही जिला प्रशासन कंट्रोल रूम में मिलीं 67 शिकायतों का निस्तारण कराया गया। मच्छर जनित स्थिति उत्पन्न करने वाले 36 लोगों को नोटिस दी गई। साथ ही जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत प्रचार वाहनों से डेंगू से बचाव के लिए संदेश प्रसारित किया गया।
स्वास्थ्य केंद्र पर लटकता मिला ताला, दो डॉक्टर व फार्मासिस्ट का तबादला
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, देवरिया का औचक निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ डॉ. नानक सरन को वहां ताला लटकता मिला। इस पर उन्होंने अस्पताल में तैनात दो चिकित्सकों डॉ. मायाशंकर पांडेय का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ेवर, मांडा और डॉ. तरुण सिंह का सीएचसी कोरांव स्थानांतरण करने का आदेश दिया। साथ ही अनुपस्थित फार्मासिस्ट नीरज राणा का सीएचसी मांडा तबादला कर दिया। सीएमओ ने सभी का अक्तूबर का वेतन रोकने का भी आदेश दिया।
शुक्रवार को सीएमओ डॉ. नानक सरन सुबह करीब साढ़े दस बजे सीएचसी कोटवा एट बनी पहुंचे। यहां मौके पर अधीक्षक डॉ. मनीष कुमार मौके पर मिले। इस दौरान उन्हें फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। साथ ही ओटी गंदी पाई गई। ओटी में टाका लगाने का सामान भी नहीं मिला। इस पर सीएमओ ने सामान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद सीएमओ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भुवालपुर पहुंचे।
यहां पर भी ताला लगा मिला। इसके बाद सीएमओ ने तैनात सीएचओ का एक दिन का मानदेय रोकने और स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। यहां से सीएमओ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मलावाखुर्द पहुंचे। यहां भी ताला लटकता मिला। सीएमओ ने तैनात सीएचओ का मानदेय रोकने और स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। उन्होंने सीएचसी कोटवा एट बनी के अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कार्मिकों का स्पष्टीकरण अपनी संस्तुति के साथ प्रस्तुत करें।
हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं की शुरू हुई डेंगू जांच
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की पहल पर मुख्य चिकित्साधिकारी की तरफ से शुक्रवार से डेंगू जांच की शुरुआत की गई। साथ ही 31 अक्टूबर को उच्च न्यायालय परिसर में विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। एसोसिएशन के संयुक्त सचिव प्रेस आशुतोष त्रिपाठी के मुताबिक डेंगू की जांच के नाम पर जनपद में हो रही लूट व अव्यवस्था को देखते हुए हाईकोर्ट परिसर स्थित चिकित्सालय में डेंगू जांच की व्यवस्था कराई गई है। इस दौरान एसोसिएशन अध्यक्ष राधाकांत ओझा, महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन सहित सभी कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान एसोसिएशन अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने सभी अधिवक्ताओं से रक्तदान में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी निभाने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत भरा रहा शुक्रवार का दिन, नहीं मिला कोई डेंगू मरीज
सितंबर की शुरूआत से ही जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी थी। हालत यह हो गई कि अक्तूबर में एक दिन में 41 डेंगू के नए मरीज मिले। लेकिन शुक्रवार का दिन राहत देने वाला है। कोई भी नया मरीज नहीं मिला। इसके पीछे बड़ा कारण मौसम में पिछले कुछ दिनों से आया बदलाव है। डॉक्टर ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू के खत्म होने की बात कह रहे हैं।
अभी तक जिले में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 780 पर पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो डेंगू से पांच लोगों की मौत भी हुई है। हालांकि 742 मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। वहीं बेली, काल्विन, एसआरएन के साथ ही शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 23 है। 15 ऐसे मरीज हैं, जो घर पर ही रहकर अपना इलाज करा रहे हैं। उधर, डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार एंटी लार्वा छिड़काव, पायरेथ्रम स्प्रे, फीवर सर्वे, सोर्स रिडक्शन, फागिंग कराई जा रही है।
मौसम के भरोसे स्वास्थ्य विभाग
सितंबर से डेंगू पीड़ितों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की पोल खोलनी शुरू कर दी। इस बीच हाईकोर्ट के दखल के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से बचाव के लिए तेज प्रयास शुरू हुए। उसके बाद भी डेंगू पर लगाम लगाने में स्वास्थ्य विभाग फेल ही साबित हुआ। 23 अक्तूबर को एक दिन में सबसे अधिक कुल 41 मामले सामने आ गए। जहां तक डेंगू से मौतों का सवाल है तो भले ही स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू से अभी तक सिर्फ पांच मौतें ही हुई है, लेकिन यह संख्या ज्यादा बताई जा रही है। उधर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से अभियान चलाकर प्रभावित इलाकों अशोक नगर, मउसरैया, तेलियरगंज, शंकरघाट, धूमनगंज, राजापुर इलाकों में फागिंग कराई गई। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू के नए मामलों में अब धीरे-धीरे गिरावट आएगी और उम्मीद है कि ठंड के बढ़ते प्रभाव के कारण डेंगू का असर खत्म हो जाएगा।
जिले में कब कितने मिले मरीज
डेट डेंगू मरीजों की संख्या
18 अक्तूबर 36
19 अक्तूबर 37
20 अक्तूबर 35
21 अक्तूबर 38
22 अक्तूबर 38
23 अक्तूबर 41
25 अक्तूबर 28
26 अक्तूबर 27
27 अक्तूबर 08
28 अक्तूबर 00
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- जैसे जैसे ठंड बढ़ेगी डेंगू का असर भी कम होता जाएगा। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इससे निजात मिल जाएगी। - डॉ. सुबोध जैन, फिजिशियन, एएमए अध्यक्ष
- मौसम में बदलाव के साथ ही वायरस का प्रभाव भी कम होने लगता है। खासतौर पर ठंड के मौसम में उनके निष्क्रिय होने की स्थिति अधिक बनती है। - डॉ. मनोज माथुर, फिजिशियन, एसआरएन