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बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन कार्य का विरोध

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उत्तर प्रदेेेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने 25 अप्रैल से शुरू होने जा रहे बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन कार्य और सोमवार से यूपी बोर्ड के विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षा संचालन प्रारंभ किए जाने का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। इस बाबत उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा समेत प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक और सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को ईमेल के माध्यम से पत्र प्रेषित किया गया है।
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संगठन ने मौजूदा परिस्थितियों में दोनों ही निर्णयों को अव्यवहारिक बताया है। संघ के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पूरा विश्व कोराना जैसी महामारी की चपेट है। देश में तीन मई तक लॉक डाउन घोषित है। ऐसे में 25 अप्रैल से कॉपियों का मूल्यांन कराए जाने का निर्णय किसी जोखिम से कम नहीं होगा। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने पर भी जुलाई से पूर्व अगली कक्षा में प्रवेश पाने का कोई अवसर नहीं होगा। ऐसे में मूल्यांकन एवं परिणाम के लिए 30 जून तक का समय है। 15 मई से भी मूल्यांकन प्रारंभ किए जाने पर 30 जून से पहले परिणाम दिया जा सकता है। इन 25 दिनों में संक्रमण की स्थिति और भी स्पष्ट हो जाएगी।
उन्होंने मांग की है कि बोर्ड परीक्षा 2020 की उत्तर पुस्तिकाएं गृह मूल्यांकन के लिए परीक्षकों को उपलब्ध करा दी जाएं या कम से कम दो-तीन सप्ताह तक स्थिति को देखने के बाद ही मूल्यांकन कार्य शुरू कराने पर विचार किया जाए। संघ ने ऑनलाइन एवं वर्चुअल कक्षाओं के संचालन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्ड से जुड़े व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों की ओर से दो सप्ताह से किया जा रहा ऑनलाइन शिक्षण का दावा महज दिखावा साबित हो रहा है। यूपी बोर्ड के सार्वजनिक विद्यालयों के 20 पीसदी विद्यार्थी भी ऑनलाइन नेटवर्किंग से नहीं जोड़े जा सकते। लॉक डाउन की स्थिति में तो यह बिल्कुल संभव नहीं है। इसलिए परिस्थितियों का आकलन किया जाना जरूरी है। उन्होंने ऑनलइन एवं वर्चुअल कक्षाओं के संचालन से संबंधित आदेश भी वापस लिए जाने की मांग की है और कहा है कि सरकार को शिक्षकों पर भरोसा करना होगा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अन्य उपायों से अपने विद्यार्थियों का नुकसान नहीं होने देंगे।
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