आरओ-एआरओ परीक्षा में पंजीकृत हैं 10 लाख से अधिक अभ्यर्थी
आरओ/एआरओ परीक्षा में तो 1076004 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जिनकी संख्या पीसीएस परीक्षा के मुकाबले कहीं अधिक है। शासनादेश के अनुसार ऐसे परीक्षा केंद्र न बनाएं जाएं जो प्राइवेट या अधोमानक हों। शासनादेश के अनुसार कलेक्ट्रेट/कोषागार से 20 किमी की परिधि तक परीक्षा केंद्रों के विस्तार की कोशिश की गई। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों मेडिकल कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेजों को भी शामिल करने की कोशिश की गई लेकिन पर्याप्त संख्या में केंद्र नहीं मिल सके।
हर संभव प्रयास करने के बावजूद पर्याप्त संख्याा में परीक्षा केंद्र उपलब्ध न होने के कारण एक से अधिक दिनों में परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया और इन परिस्थितियों में प्रसामान्यीकरण (नॉर्मलाइजेशन) की प्रक्रिया को अपनाया गया, जिसे सिविल अपील उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य बनाम अतुल कुमार द्विवेदी व अन्य में सात जनवरी 2024 को पारित उच्चतम न्यायालय के निर्णय में उचित माना गया है।
दूसरे राज्यों में भी लागू है नॉर्मलाइजेशन
सचिव के अनुसार बहुपालीय परीक्षा कराए जाने की दशा में आंध्र प्रदेश, केरल एवं तेलंगाना आदि प्रदेशों के राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा भी नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का भ्रम न रहे, सो यूपीपीएससी ने पहली बार विज्ञप्ति के माध्यम से इसे सार्वजनिक किया है।