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UP News : पीसीएस परीक्षा में 5,75,154 अभ्यर्थी पंजीकृत, आरओ-एआरओ में 10 लाख से अधिक आवेदक

Wed, 06 Nov 2024 12:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

आयोग के सचिव अशोक कुमार के अनुसार, हर संभव प्रयास के बावजूद अभ्यर्थियों की संख्या के सापेक्ष मानक के अनुसार पर्याप्त संख्या में केंद्र उपलब्ध नहीं होने के कारण दोनों परीक्षाएं दो दिन कराने का निर्णय लिया गया है। नॉर्मलाइजेशन को लेकर अभ्यर्थियों में कोई भ्रम न रहे। आयोग ने इसका फॉर्मूला भी सार्वजनिक कर दिया गया है।

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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पीसीएस परीक्षा के लिए 5,75,154 अभ्यर्थी और आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए 10,76,004 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। शासन की ओर से 19 जून 2024 को आदेश जारी किया गया था कि एक पाली में अधिकतम पांच लाख अभ्यर्थी हों। इससे अधिक परीक्षार्थी होने पर कई पालियों में परीक्षा कराई जाए। पीसीएस और आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, हालांकि शासन ने पीसीएस परीक्षा को इस शर्त से अलग रखा था।

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आयोग के सचिव अशोक कुमार के अनुसार, हर संभव प्रयास के बावजूद अभ्यर्थियों की संख्या के सापेक्ष मानक के अनुसार पर्याप्त संख्या में केंद्र उपलब्ध नहीं होने के कारण दोनों परीक्षाएं दो दिन कराने का निर्णय लिया गया है। नॉर्मलाइजेशन को लेकर अभ्यर्थियों में कोई भ्रम न रहे। आयोग ने इसका फॉर्मूला भी सार्वजनिक कर दिया गया है।

अब पर्सेंटाइल में होंगे प्राप्तांक, वेबसाइट पर फॉर्मूला उपलब्ध

 

आयोग के सचिव के अनुसार, नॉर्मलाइेजशन का फॉर्मूला सार्वजनिक कर दिया गया है। फॉर्मूला आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों के प्राप्तांक एवं कटऑफ अंक अब पर्सेंटाइल स्कोर में होंगे। आसान भाषा में समझें तो भिन्न-भिन्न पालियों में अभ्यर्थियों के न्यूनतम एवं अधिकतम प्राप्तांकों का वितरण भिन्न-भिन्न हो, ऐसी स्थिति में किसी एक पाली के अधिकतम अंक पाने वाले अभ्यर्थी के प्राप्तांक को 100 मानते हुए उसके सापेक्ष सभी अभ्यर्थियों का स्कोर निकालना ही पर्सेंटाइल विधि है।

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आयोग का दावा-मेरिट पर नहीं पड़ेगा असर

यूपीपीएससी ने दावा किया है कि नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और इससे मेरिट प्रभावित नहीं होगी। पर्सेंटाइल स्काेर की गणना दशमलव के बाद छह अंकों तक की जा सकेगी। सचिव के अनुसार, वैसे तो कई राज्यों की पीसीएस परीक्षाओं और अन्य परीक्षाओं में इसी फाॅर्मूले के आधार पर मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई गई है और यह फाॅर्मूला पूरी तरह से सही है।

इसके बावजूद आयोग ने अपने स्तर से कई चरणों में विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई है। इसके लिए आयोग ने लब्ध प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की एक समिति भी गठित की, जिसकी अनुशंसा पर यह व्यवस्था लागू की गई। मूल्यांकन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया कंप्यूटर सिस्टम आधारित (सॉफ्टवेयर के माध्यम से) होगी।

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पर्सेंटाइल में जारी होंगे प्राप्तांक व कटऑफ

नॉर्मलाइजेशन लागू होने के कारण दोनों ही प्रारंभिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियाें के प्राप्तांक व कटऑफ अंक अब पर्सेंटाइल में जारी किए जाएंगे। इससे पूर्व अभ्यर्थियों के प्राप्तांक एवं कटऑफ अंकों में जारी किए जाते थे।

पहली बार दो दिन होंगी दोनों परीक्षाएं

इससे पहले पीसीएस और आरओ/एआरओ परीक्षाएं एक ही दिन में करा ली जाती थीं और परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी अभ्यर्थी एक ही शिफ्ट में परीक्षा देते थे। ऐसे में एक समान मूल्यांकन की अलग से कोई जरूरत ही नहीं पड़ती थी। पहली बार परीक्षाएं दो दिन में होंगी, सो आयोग को नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनानी पड़ी।

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