प्रयागराज परिक्षेत्र की बात करें तो यहां 600 से ज्यादा बसें संचालित होती हैं। मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार तीन चरणों में रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। पहले चरण में सिर्फ फायदे वाले रूट पर ही रोडवेज बसों का संचालन होगा। लखनऊ मुख्यालय को ऐसे मार्गों की भी सूची भेजी गई है। जो रोडवेज के लिए फायदेमंद है। वर्तमान में रोडवेज अभी प्रवासी मजदूरों को उनके गृह जनपदों तक पहुंचाने के लिए लगातार बसों का संचालन कर रहा है।
कोविड-19 को देखते हुए इस बार बसों का संचालन नए नियमों के तहत किया जाएगा। रोडवेज ने तय किया है कि बिना मास्क ने किसी भी यात्री को बस स्टेशन परिसर में एंट्री नहीं दी जाएगी। बस चालक और परिचालक भी मास्क लगाकर ही अपनी ड्यूटी करेंगे। बस में कंडक्टर के पास सैनिटाइजर की बोतल होगी और जो भी यात्री बस में प्रवेश करेगा उसके हाथ सैनिटाइज करवाए जाएंगे।
ड्राइवर और कंडक्टर को उनके इस्तेमाल के लिए भी रोडवेज प्रशासन सैनिटाइजर मुहैया कराएगा। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए बसों में अधिकतम 30 यात्री सवार किए जाएंगे। ऐसे में उम्मीद है कि रोडवेज द्वारा आने वाले दिनों में बसों का किराया भी बढ़ाया जा सकता है।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन का कहना है कि रोडवेज मुख्यालय से जैसे ही फरमान आएगा बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा अभी सिर्फ बसें तैयार करने का ही निर्देश मिला है। उन्होंने बताया कि रोडवेज प्रशासन को फायदे वाले रूट की सूची भी बनाकर भेज दी गई है, इसमें प्रयागराज परिक्षेत्र के कुल 20 रूट शामिल किए गए हैं।
इन रूटों में मुख्य रूप से प्रयागराज-लखनऊ, प्रयागराज-सुल्तानपुर, प्रयागराज-कटसारी, प्रयागराज-चाकघाट, प्रयागराज-मंझनपुर, प्रयागराज-कर्वी, प्रयागराज-भटनी एवं प्रयागराज-वाराणसी आदि शामिल किए गए हैं।
एसी बसों में भी बुकिंग सिस्टम में होगा बदलाव
रोडवेज द्वारा विभिन्न रूटों पर 1 जून से ऐसी बसों का भी संचालन किया जा सकता है। इसकी भी तैयारी की जा रही है। रोडवेज ने एसी बसों में भी रिजर्वेशन सिस्टम में बदलाव करने की तैयारी की है। बताया जा रहा है कि अब सीटों की बुकिंग की सवारी के हिसाब से ही होगी, ऐसे में एसी बसों का भी किराया आने वाले दिनों में बढ़ सकता है। बस स्टेशन पर मल्टीपल डिटेक्टर ,थर्मल स्कैनिंग और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।