गीता प्रेस के उत्पाद प्रबंधक लालमणि तिवारी ने बताया कि गीता प्रेस ने पिछले वर्षों में उर्दू लिपि में श्रीमद्भगवद्गीता का प्रकाशन किया था। इसकी आठ हजार प्रतियां छापी गई थीं। इसका उद्देश्य गीता का संदेश उर्दू भाषी लोगों के बीच प्रसारित करना था। इसी कड़ी में अब गीता प्रेस में हिंदी में लिखी उर्दू जुबान वाली श्रीमद्भगवद्गीता छापी गई है। वहीं देवनागरी में भी 6000 प्रतियां छप चुकी है