लालगोपालगंज स्थित रजा मस्जिद में रोजा इफ्तार करते नवनिहाल
कस्बे में बृहस्पतिवार को अल-सुबह ही रोजेदारों ने सहरी के साथ रमजान मुकद्दस का आगाज हुआ। सहरी में दूध-फेनी, खजूर के साथ रोजे की नियत कर अकीदतमंदों का हुजूम मस्जिद की ओर चल पड़ा। रमजान का पहले दिन मस्जिदों में लोग खुदा की बारगाह में सिर झुकाया। रसोईघरों से पकवानों की खुशबू से वातावरण महकने लगा। पहले दिन इफ्तार को खास बनाने के लिए महिलाओं ने जमकर तैयारी की थी। दस्तरखान पर शीर खुरमा की मिठास, बेसन के कुरकुरे-पकौड़े समेत कई प्रकार के पकवान सजाए गए। अजान की आवाज सुनते ही खजूर से रोजा इफ्तार कर खुदा का शुक्र अदा किया।
रमजान का पहला रोजा हमें आत्मसंयम और सब्र का पाठ पढ़ाता है। यह महीना सिर्फ भूखे रहने का नहीं, बल्कि अपनी जुबान व आंखों को बुराइयों से बचाने का है। खुदा इस महीने में इबादत करने वालों की हर जायज दुआ कबूल फरमाता है। - मौलाना अब्दुल कुद्दूस, खतीब व इमाम रजा जामा मस्जिद, लालगोपालगंज