घर-मंदिर पांव पखारकर पूजी गईं कन्याएं, लंगूरा भी
दुर्गानवमी पर बुधवार को घर-घर देवी के रूप में कन्याओं का पूजन किया गया तो कन्याओं के साथ लंगूरा को भी जिमाया गया और तरह-तरह के उपहार दिए गए। देवी मंदिरों में दिन भर पूजा अर्चना होती रही। शाम को महाआरती उतारी गई। नवरात्र के समापन पर घर-मंदिर कन्याओं के पांव पखारकर उन्हें हलुआ-पूड़ी या फिर दही-जलेबी का प्रसाद खिलाया गया। बुधवार को कन्याओं की खूब आवभगत की गई। एक घर से दूसरे घर के लिए लोग उन्हें आमंत्रित करते रहे।
कई घरों में उपहार के तहत पेंसिल बाक्स, लंच बाक्स, पानी की बोतलें आदि दी गईं। गिफ्ट में दी। कन्या, लांगुरा गिफ्ट पाकर फूले नहीं समाए। भाजपा नेता नीरज त्रिपाठी ने भी अपनी पत्नी कविता के साथ अपने घर के आंगन में ही कन्या पूजन किया।
सिद्ध पीठ ललिता देवी, मां कल्याणी देवी, अलोपशंकरी, खेमामाई, समयामाई मंदिर सहित शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में खासी भीड़ रही। सिद्धपीठ ललिता देवी में अध्यक्ष हरि मोहन वर्मा की देखरेख में विविध कार्यक्रम हुए। देवी दर्शन के साथ ही लोगों ने रामदरबार में भी पूजन किया। इस दौरान दुर्गा सप्तशती पाठ, शतचंडी महायज्ञ का समापन भी हुआ। उधर, मंदिरों में कई स्थानों पर भंडारे और रात को देवी जागरण के आयोजन हुए। कन्यापूजन और याज्ञिक अनुष्ठान के बाद लोगों ने पारण किया, वहीं नौ दिन की मान्यता वाले बृहस्पतिवार को पारण करेंगे।