नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण का खतरा है। संवेदनशील मोहल्लों में तैनात कर्मचारियों में इस आशंका से दहशत है। कोरोना योद्धा बने ये कर्मचारी निष्ठा से काम तो कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए ठोस उपाय नहीं कर पा रहा है। कर्मचारी यूनियन की मांग है कि सफाई कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण और कोरोना जांच प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।
शहर में स्थायी और आउटोसोर्सिंग के करीब चार हजार सफाई कर्मचारी तैनात है। लॉक डाउन के दौरान बेहतर सफाई से लोगों ने इन कर्मचारियों को कोरोना योद्धा बताते हुए उन्हें सम्मानित किया। जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
नगर निगम अफसरों का दावा है कि सफाई कर्मचारियों को मास्क और दस्ताने दिए गए हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है। शहर में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों में ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है, जिन्हें मास्क और दस्ताने दिए गए हों। जिन लोगों को मास्क दिए भी गए हैं, वह खराब हो चुके हैं। कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने इन सफाई कर्मियों के लिए महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी को कई चरणों में हजारों मास्क उपलब्ध कराए हैं। जिनका वितरण किया गया है, लेकिन यह प्रयास नाकाफी है।
नगर निगम कर्मचारी एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र पालीवाल ने नगर आयुक्त को पत्र देकर कोविड-19 प्रकोप के मद्देनजर सभी कर्मचारियों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी पैथालॉजी में कहीं दिक्कत हो तो नगर निगम प्रशासन अपने खर्चे पर निजी खर्चे पर कोविड जांच कराए। सफाई मजदूर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप ने भी सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य और कोविड जांच कराने की मांग की है।
लगातार काम कर रहे रोडवेज चालकों को कोरोना का डर
बीते आठ दिनों से छात्र-छात्राओं और अब उसके बाद श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे रोडवेज चालकों को कोरोना का डर सता रहा है। इन चालकों का कहना है कि 27 अप्रैल से वह बसों को चला रहे हैं। पहले तकरीबन 14 हजार छात्र-छात्राओं को उनके गंतव्य तक छोड़ा गया तो वहीं अब मजदूरों को उनके गंतव्य तक छोड़ने में उनकी ड्यूटी लगी हुई है। इस बीच चालकों की परेशानी को देखते हुए यूपी रोडेवज इंप्लाइज यूनियन की ओर से उनका 50 लाख का बीमा करने करने की मांग की गई है।
रोडवेज के प्रयागराज परिक्षेत्र द्वारा प्रदेश के तमाम जिलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को 500 बसों के माध्यम से पहुंचा गया। इस दौरान प्रयागराज से कोई ड्राइवर मेरठ गया तो कोई आगरा। ड्राइवरों को कोरोना संक्रमण के रेड जोन वाले जिलों में जाने में ज्यादा डर लगा। हालांकि रोडवेज प्रशासन की ओर से सभी चालकों को मास्क, सैनिटाइजर एवं साबुन उपलब्ध कर वाया गया। साथ ही 300 किमी से ज्यादा की दूरी वाले स्थानों के लिए बसों में दो चालक भेजे गए। यहां वापस आने के बाद ड्राइवरों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
ड्राइवरों की समस्या को देखते हुए इंपलाइज यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री राशिद अहमद ने बताया कि प्रांतीय अध्यक्ष राम जी त्रिपाठी ने रोडवेज एमडी से मुलाकात कर ड्यूटी पर तैनात रोडवेज कर्मचारियों का 50 लाख का बीमा किए जाने की मांग की है। इसके अलावा पुलिस कर्मियों एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की तरह रोडवेज कर्मियों को चिकित्सा एवं भोजन सुविधा दिए जाने, वेतन से किसी भी तरह की कटौती न किए जाने समेत आठ सूत्रीय मांगों का मांग पत्र सौंपा है।
रोडवेज के सभी कर्मचारियों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्हें सैनिटाइजर, मास्क, साबुन उपलब्ध कराया गया है। ड्यूटी पर जाने से पहले एवं आने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है।
टीके एस बिसेन, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज परिक्षेत्र