नियुक्ति से सात माह पहले आईआईटी चेन्नई से हुए थे सेवानिवृत्त
प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान 15 वर्ष तक अध्यापन का अनुभव होने के साथ किसी शोध संस्थान या औद्योगिक क्षेत्र में 10 वर्ष तक काम करने दक्षता भी इस पद की पात्रता के लिए जरूरी की गई थी। एमएनएनआईटी के पुरा छात्र प्रदीप वार्ष्णेय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और पीएमओ को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि निदेशक के पद पर तैनाती पाने वाले प्रो. वर्मा इंजीनियरिंग डिग्री धारक नहीं हैं। उ
न्होंने बॉयो केमेस्ट्री से स्नातक और परास्नातक डिग्री हासिल की है। ऐसे में वह इस पद के लिए आवेदन करने की योग्यता नहीं रखते। शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रो. वर्मा इससे पहले आईआईटी चेन्नई में प्रोफेसर रहे हैं। इस पद पर जब उनकी नियुक्ति की गई तब वह सात माह पहले ही आईआईटी चेन्नई से सेवानिवृत्त हो चुके थे।
मेरी नियुक्ति मंत्रालय से हुई है। क्या सही और क्या गलत है, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। इस पर जवाब मंत्रालय से ही लिया जाना चाहिए। - प्रो. आरएस वर्मा, निदेशक एमएनएनआईटी।