उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को 24 घंटे से भी कम समय में अपनी चूक के कारण टीजीटी 2021 के दो विषयों का संशोधित कटऑफ जारी करना पड़ा। बुधवार को कई अभ्यर्थी इस मामले की शिकायत लेकर चयन बोर्ड पहुंचे। देररात संशोधित कटऑफ जारी किया गया।
शारीरिक शिक्षा विषय बालक वर्ग में पहले सामान्य का कटऑफ 433, ओबीसी का 421.4, एससी का 388.4 था। संशोधित कटऑफ में सामान्य का कटऑफ 446.2, ओबीसी का 433.8 और एससी का कटऑफ 413.2 निर्धारित किया गया। वहीं वाणिज्य विषय में बालक वर्ग में पहले सामान्य कटऑफ 404, ओबीसी का 392 और एससी का 324 था। संशोधित कटऑफ सामान्य का 442, ओबीसी का 404 और एससी का कटऑफ 376 कर दिया गया।
चयन बोर्ड ने मंगलवार रात टीजीटी-2021 परीक्षा के सभी विषयों का अंतिम परिणाम जारी किया था। परिणाम जारी होने के दूसरे दिन बुधवार को दर्जन भर छात्र चयन बोर्ड कार्यालय पर पहुंच गए। उनका आरोप था कि कटऑफ से अधिक नंबर होने के बाद भी उनका नाम चयन सूची में नहीं है।
सोरांव के रहने वाले प्रतियोगी छात्र लवकुश सरोज ने टीजीटी-2021 परीक्षा शारीरिक शिक्षा विषय में आवेदन किया था। परिणाम जारी हुआ तो उनका नाम चयन सूची से बाहर था। जब चयन बोर्ड की ओर से जारी कटऑफ चेक किया गया तो पता चला कि उनको कट ऑफ से अधिक नंबर मिले थे। ऐसी ही शिकायत कई छात्रों ने की थी। अब संशोधित कट ऑफ के बाद यह शिकायतें दूर हो गई हैं।
कला विषय की संशोधित उत्तर कुंजी के छह प्रश्नों पर आपत्ति
टीजीटी-2021 परीक्षा का चयन बोर्ड ने परिणाम जारी करने के साथ ही संशोधित उत्तरमाला भी जारी की है। लेकिन कला विषय के अभ्यर्थियों ने संशोधित उत्तर कुंजी के छह प्रश्नों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बुकलेट ए सीरीज के प्रश्न संख्या 51 में पूछा गया है कि भारत में मध्य पाषाण काल कब तक माना जाता है। छात्रों का कहना था कि पहले आयोग ने बी-4000 ई.पू. सही उत्तर माना था।
अब बदलकर सी-6000 ई.पू. माना है। इसका उत्तर 10000 ई. पू. माना जाता है। इसी तरह प्रश्न संख्या-62 में पूछा गया है कि मारविजय की मूर्ति अजंता की किस गुफा में है। चयन बोर्ड ने पहले उत्तर डी गुफा-26 माना था। अब सही उत्तर बी गुफा संख्या-1 माना है। अभ्यर्थियों का कहना है कि एनसीईआरटी की पुस्तक में गुफा 26 में मारविजय की मूर्ति वर्णित है। इसी तरह प्रश्न संख्या-68, प्रश्न संख्या-111, 118, 120, 21 पर संशोधित जवाबों पर अभ्यर्थियों ने आपत्ति की है।
अनारक्षित श्रेणी के विद्यालय का नाम नहीं खुल रहा
जिन अभ्यर्थियों ने अपनी श्रेणी में आवेदन किया था, लेकिन उनका चयन अब अनारक्षित श्रेणी में हुआ है। ऐसे में ये अभ्यर्थी विद्यालय का नाम भरने के लिए वेबसाइट खोल रहे तो उनकी ही श्रेणी के विद्यालय का नाम आ रहा है। अनारक्षित श्रेणी के विद्यालय के नाम नहीं आ रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह अनियमितता है। जबकि विद्यालय का नाम भरने के लिए अब सिर्फ दो ही दिन का समय बचा है।