prayagraj news: Kalindipuram quarantine centere
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क्वारंटीन सेंटर बनाए गए गेस्टहाउसों, स्कूल-कॉलेजों, रैन बसैरों से बुनियादी सुविधाओं की लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए सरकार ने अब अघोषित तौर पर लोगों के घरों को ही क्वारंटीन सेंटर बना दिया है। इससे कोरोना का संक्रमण एक से दूसरे में फैलने की आशंका है।
एक महीने पहले जब कोरोना के 15-16 मामले सामने आए थे तो यहां 30 से अधिक गेस्टहाउस, स्कूल-कॉलेज और रैन बसेरों में लोगों को रखा जाता रहा। लेकिन अब सवा सौ से अधिक केस सामने आ चुके हैं तो गेस्टहाउसों और स्कूल-कॉलेजों, रैन बसेरों में बना सेंटर समाप्त ही कर दिया गया। उधर लूकरगंज के इंजीनियर परिवार का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
क्वारंटीन
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इन सबको देखते हुए प्रशासनिक अफसरों ने धीरे-धीरे बाहर से आने वाले लोगों को घर पर ही क्वारंटीन करना शुरू कर दिया। इससे खाने-पीने, साफ-सफाई जैसी चीजों की शिकायतें भी खत्म हो गईं। अब किसी में कोरोना जैसे लक्षण मिले या फिर इसकी शिकायत है तो उन्हें कालिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशन क्वारंटीन सेंटर ले जाकर जांच कराई जा रही है। लेकिन इसका दूसरी तरफ साइडइफेक्ट भी देखने को मिल रहा है।
सांकेतिक तस्वीर
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बाहर से आ रहे लोगों के होम क्वारंटीन किए जाने से संक्रमण फैलने का खतरा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सैदाबाद और उसके आसपास का इलाका और शहर में जंक्शन के दक्षिण के इलाके में कोरोना के प्रसार के मामले मिलने लगे हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्र ने मुताबिक पहले होम क्वारंटीन की व्यवस्था लागू नहीं की गई थी, तब उस तरह के इंतजाम किए गए थे। अब सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक होम क्वारंटीन किए जा रहे हैं। अगर किसी में कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं तो इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन सेंटर ले जाकर जांच कराई जा रही है। पॉजिटिव आने पर अस्पताल नहीं तो घर भेज दिया जा रहा है।