नए आयोग का कार्यालय कहां बनेगा, यह भी तय नहीं
परिषदीय विद्यालयों में पांच साल से नई भर्ती नहीं हुई है। ये सभी भर्तियां नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद ही शुरू हो सकेंगी। आयोग के गठन को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्त प्रक्रिया शुरू होगी। इस प्रक्रिया को पूरा होने में वक्त लगेगा। साथ ही कई अन्य औपचारिकताएं भी पूरी होंगी। प्रयागराज में नए आयोग का नया कार्यालय कहां बनेगा, यह भी अभी तय नहीं ।
नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति से लेकर कार्यालय की स्थापना तक की प्रक्रिया को पूरा होने में चार माह का वक्त लग सकता है। आयोग के अस्तित्व में आने के बाद लंबित पड़ी भर्ती परीक्षाओं की तिथियां घोषित की जाएंगी और नए विज्ञापन जारी किए जाएंगे। ऐसे में लंबित पड़ीं शिक्षक भर्तियां और नई अब अगले साल ही शुरू हो सकेंगी।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि आयोग के गठन को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद भी भर्तियों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। युवाओं के भविष्य को लेकर शासन गंभीर नहीं है। समिति की ओर से मांग की गई है कि आयोग के गठन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।