प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में अब शोध की पढ़ाई भी होगी। नए सत्र 2020-21 से पीएचडी की सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके लिए 30 सितंबर को संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) का आयोजन किया जाएगा। 11 विषयों में पीएचडी की 44 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे। राविवि प्रशासन की ओर से जल्द ही आवेदन एवं परीक्षा संबंधी विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
राविवि में कोई स्थायी शिक्षक न होने के कारण वहां शोध की पढ़ाई नहीं हो रही थी। कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कार्यभार संभालने के बाद शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू की। पिछले माह कई विषयों में 26 शिक्षकों की भर्ती की गई। शिक्षक भर्ती के बाद अब राविवि में शोध की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। इस बीच सरस्वती हाईटेक सिटी, नैनी में राविवि परिसर का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है, सो 30 सितंबर को क्रेट का आयोजन नैनी स्थित राविवि के नवनिर्मित परिसर में कराया जाएगा। राविवि की परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब 11 विषयों में शोध कराया जाएगा।
परीक्षा समिति के निर्णय के आधार पर एक रिसर्च डिग्री कमेटी का गठन किया गया है, जो शोध शीर्षकों की गुणवत्ता और समाज के लिए उनकी उपादेयता की जांच करेगी। इसके बाद शोध पाठ्यक्रमों में उनके चयन की संस्तुति की जाएगी, ताकि श्रेष्ठ एवं उच्च मानकों पर आधारित शोध कार्यों को बढ़ावा मिल सके। शोध पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑफलाइन संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। राविवि के पीआरओ डॉ. अविनाश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जल्द ही रिसर्च डिग्री कमेटी की बैठक बुलाकर आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा संबंधी विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।
विषय - पीएचडी सीटों की संख्या
वाणिज्य - 4
प्राचीन इतिहास - 8
समाज कार्य - 4
राजनीति विज्ञान - 4
हिंदी - 6
भूगोल - 4
दर्शनशास्त्र - 4
अर्थशास्त्र - 2
रक्षा अध्ययन - 2
समाजशास्त्र - 2
संस्कृत - 4
ऑफलाइन होंगी अंतिम वर्ष-सेमेस्टर की परीक्षाएं
राविवि की अवशेष अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में कराई जाएंगी। लॉकडाउन होने से पहले कुछ विषयों की परीक्षाएं हो चुकीं थीं। स्नातक अंतिम वर्ष की शेष विषयों की परीक्षाएं 18 सितंबर एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं दो अक्तूबर से शुरू कराई जाएंगी।