फाइलों का अतिरिक्त भार होने के कारण, मोटर एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई। गाड़ी खरीदते समय संबंधित वाहन एजेंसी ग्राहक से एक शपथ पत्र लेगी, जिसमें इस प्रपत्र को व्यवस्थित रखने का संकल्प वाहन स्वामी को लेना होगा।
नई गाड़ी खरीदने पर अब सिर्फ रसीद, इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ही नहीं, पूरी फाइल वाहन स्वामी को सौंपी जाएगी। इस फाइल में फार्म 20 (आवेदन पत्र), फार्म 22 (वाहन निर्माण से संबंधित जानकारी), इंश्योरेंस व आरसी कागज होगा। इसके पहले की व्यवस्था में यह फाइल आरटीओ कार्यालय में जमा रहती थी।
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फाइलों का अतिरिक्त भार होने के कारण, मोटर एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई। गाड़ी खरीदते समय संबंधित वाहन एजेंसी ग्राहक से एक शपथ पत्र लेगी, जिसमें इस प्रपत्र को व्यवस्थित रखने का संकल्प वाहन स्वामी को लेना होगा। प्रपत्र दाखिल करने के बाद यह फाइल 15 दिनों के भीतर वाहन स्वामी के लिखित पते पर पहुंच जाएगी।
हालांकि, इस फाइल को संबंधित मोटर एजेंसी से भी प्राप्त किया जा सकेगा। इसके अलावा इस फाइल की एक प्रति आरटीओ कार्यालय में भी मौजूद रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर मूल प्रपत्र से इसका मिलान किया जा सकेगा। फिलहाल, यह व्यवस्था प्राइवेट वाहनों के लिए लागू की गई है। व्यावसायिक वाहनों का प्रपत्र पूर्व की भांति आरटीओ कार्यालय में ही जमा रहेगा।
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करीब पांच हजार आरसी लंबित
पिछले वर्ष नवरात्र, दशहरा व दीपावली के अवसर पर खरीदे गए वाहनों में से लगभग पांच हजार (चार व दो पहिया वाहन को मिलाकर) रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र अभी भी लंबित हैं। बताया जा रहा है कि अधिक वाहन बिक्री होने के कारण वाहन स्वामी को आरसी मिलने में अधिक समय लगता है। जल्द ही सभी लंबित आरसी को वाहन स्वामी तक पहुंचा दिया जाएगा।
प्राइवेट वाहनों के लिए इस व्यवस्था को लागू किया गया है। ऐसे में अपने वाहन संबंधित प्रपत्र को संभाल के रखने की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी। - राजीव चतुर्वेदी, एआरटीओ, प्रयागराज