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Prayagraj News: मार्कशीट में अब किसी भी तरह की छेड़छाड़ असंभव

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यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों को दिए जाने वाले अंकपत्र सह प्रमाणपत्र इस बार खास होंगे। मार्कशीट न फटेगी और न ही गलेगी। इन पर अंकित शब्दों या अंकों से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। अंकपत्र सह प्रमाणपत्र के वितरण में अभी एक माह का वक्त लगेगा।
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अंकपत्र में लगे विशेष मोनोग्राम का रंग धूप में लाल हो जाएगा और छांव में उसका रंग बदल जाएगा। अंकपत्र पर एक विशेष प्रकार की स्याही का इस्तेमाल किया गया है, ताकि चाय, कॉफी या कोई भी पेय पदार्थ, सब्जी आदि गिरने के बाद भी यह खराब न हो और कपड़े से पोंछते ही वह साफ हो जाए। अंकपत्र ऐसे कागज पर छपवाया गया है, जो आसानी से फटेगा नहीं। अंकपत्र पर लेमिनेशन की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
इसकी एक विशेषता यह भी है कि अंकपत्र के नीचे पट्टी पर डिजाइन बनी है, लेकिन फोटोकॉपी कराने पर अंकपत्र की छायाप्रति में नीचे बनी पट्टी पर डिजाइन नजर नहीं आएगी और पट्टी पर जगह-जगह ‘कॉपी’ लिखा हुआ दिखने लगेगा।
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पहले मार्कशीट का आकार छोटा होता था और अब यह ए-फोर आकार में होगी। मार्कशीट में फ्लोरोसेंट लोगो और नंबरिंग केवल यूवी लाइट में दिखेगी, ताकि असली व नकली में आसानी से फर्क किया जा सके।
मार्कशीट में अंकित प्रविष्टियों में किसी भी प्रकार का बदलाव, जैसे शब्द या अंक को बदलना या ब्लेड अथवा दूसरी वस्तु से खुरचकर लिखना आदि असंभव होगा। मार्कशीट पर माता-पिता का नाम हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगा।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि अंकपत्र सह प्रमाणपत्र के वितरण में एक माह का वक्त लगेगा। विद्यार्थियों को अंकपत्र स्कूलों से वितरित किए जाएंगे।

यूपी बोर्ड में 30 तक छुट्टी, बाद में खुलेगा ग्रीवांस सेल
प्रयागराज। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने के बाद यूपी बोर्ड में 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। दरअसल, हर साल परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद यूपी बोर्ड कार्यालय में तीन दिनों का अवकाश घोषित किया जाता है। शनिवार व रविवार को साप्ताहिक अवकाश है। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक छुट्टी रहेगी और बृहस्पतिवार (एक मई) से बोर्ड कार्यालय खुल जाएगा। बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि कार्यालय खुलते ही ग्रीवांस सेल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, ताकि परीक्षार्थियों की समस्याओं का निराकरण किया जा सके। हालांकि, लगातार तीसरे साल किसी भी परीक्षार्थी का परिणाम अपूर्ण नहीं है। पूर्व के वर्षों में अपूर्ण परिणाम रहने के कारण परीक्षार्थी महीनों जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लेकर बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों तक के चक्कर लगाते रहते थे। ब्यूरो
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