नोट बदलने के लिए बैंकों में कई घंटे इंतजार के साथ ही तमाम लोगों को जलालत भी झेलनी पड़ रही है। लाइन में लगे दूसरे लोगों या बैंक कर्मियों से झड़प और मारपीट होने पर रोज ही कई लोगों को पुलिस की लाठी पड़ती है और हवालात की हवा भी खानी पड़ रही है। भाई की तेरहवीं के लिए पैसे लेने गए व्यक्ति को भी बैंक में झगड़ा होने पर पुलिस ने थाने में बंद कर दिया। गुरूवार को भी कई लोगों को पुलिस ने पकड़ा।
नोट बंदी की मार झेल रहे लोगों को बैंक और थाने में भी जलील होना पड़ रहा है। कई घंटे तक लाइन में लगे रहने के दौरान लोगों का सब्र टूटता है तो झगड़ा होता है। फिर पुलिस का रवैया ऐसा होता है मानो लूट-डकैती हो गई हो। मंगलवार को कीडगंज में रहने वाले एक व्यक्ति को पुलिस की क्रूरता झेलनी पड़ी। भाई के निधन के बाद तेरहवीं की तैयारी के लिए वह दोपहर में बैंक में नोट बदलने गया। तीन घंटे बाद भी पैसा नहीं बदला गया तो उसने गुस्सा जताया।
बस इतने में कीडगंज थाने की पुलिस उसे अपशब्द कहते हुए थाने उठा ले गई। देर शाम कई लोगों की सिफारिश और आग्रह पर पुलिस ने उसे छोड़ा। बुधवार को भी कीडगंज थाने की पुलिस ही बैंक में लाइन में खड़े होने के झगड़े में एक व्यक्ति को थाने उठा ले गई और तीन घंटे बाद छोड़ा। कुछ लोगों ने पुलिस के इस रवैये की शिकायत अफसरों से भी की है। उनका कहना है कि लोगों के साथ ही पुलिस को भी संयम बरतना चाहिए। बृहस्पतिवार को भी करेली, मुट्ठीगंज और कीडगंज थाने की पुलिस ने कहासुनी या मारपीट में चार लोगों को पकड़ा और थाने ले गई।