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दुकानों में नहीं लिए गए बड़े नोट, निराश लौटे ग्राहक

Thu, 10 Nov 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पांच सौ और हजार के नोट पर बंद होने के कारण बुधवार की सुबह शहरियों के लिए बेहद मुश्किल भरी रही, जब सामान खरीदने पहुंचे लोगों से दुकानदारों ने बड़ी नोट नहीं ली। दिन निकलने के साथ बाजार में अफरातफरी भी बढ़ गई। चौक, मुट्ठीगंज, सिविल लाइंस, कटरा जैसे शहर के प्रमुख बाजारों में आम दिनों की अपेक्षा भीड़ काफी कम रही, क्योंकि ज्यादातर दुकानदारों ने 500 और 1000 रुपये की नोट लेकर आने वाले ग्राहकों को लौटा दिया। काफी लोग ऐसे होते हैं जो पूरे माह का राशन एक साथ खरीद लेते हैं। उन्हें बुधवार को निराश होना पड़ा, क्योंकि महीने की शुरूआत में ही बड़ी नोट पर पाबंदी ने उनके सामने समस्या खड़ी कर दी है। अब बैंक और एटीएम खुलने के बाद ही घरों में राशन का इंतजाम हो सकेगा। बात सिर्फ राशन की नहीं है।
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इसके साथ घरों में रंगरोगन, मरम्मत का सामान, कपडे़े, दवा आदि खरीदने में भी लोगों को समस्या हुई। इसकी वजह से किराना, गल्ला के थोक बाजारों से लेकर इलेक्ट्रानिक्स बाजार, घरेलू उपयोग के सामानों का फुटकर बाजार में कारोबार काफी अधिक प्रभावित हुआ। एक अनुमान के मुताबिक अकेले इलाहाबाद में बुधवार को किराना, गल्ला, सीमेंट, लोहा समेत निर्माण सामग्री का थोक एवं फुटकर बाजार 70 प्रतिशत जबकि रोजमर्रा उपयोग के सामानों का फुटकर बाजार 40 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ।

बुधवार की सुबह उन लोगों के लिए मुसीबत भरी साबित हुई जो दूध-ब्रेड, सब्जी-फल जैसे सामान खरीदने के लिए घरों से निकले। जेब में पांच सौ नोट लेकर निकले लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा, क्योंकि पैकेज वाले दूध के स्टॉलों और ठेलों पर सब्जी बेचने वालों ने यह नोट लेने से मनाकर दिया। मुंडेरा स्थित थोक सब्जी मंडी समेत खुल्दाबाद, दारागंज, सोहबतियाबाग, मीरापुर, लोकनाथ, एजी ऑफिस, कटरा लक्ष्मी चौराहा, ममफोर्डगंज भारत स्काउंट एंड गाइड कॉलेज के पास, तेलियरगंज आदि की सब्जी मंड़ियों में भी यही स्थिति रही। ज्यादातर सब्जी दुकानदारों ने खरीदारी करने आने वालों से पहले नोट के बारे में ही पूछा। ग्राहक ने जैसे ही बताया पांच सौ की नोट है तो दुकानदार ने सब्जी बेचने से हाथ खड़े कर दिए। इसकी वजह से ज्यादातर दुकानों पर बिक्री काफी कम रही, क्योंकि दुध और सब्जी वहीं लोग खरीद सके जो घरों से सौ-दो सौ रुपये लेकर निकलते थे।
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मुंडेरा और खुल्दाबाद सब्जी मंडी में बड़ी संख्या में कौशाम्बी, फाफामऊ आदि आसपास के हिस्सों से किसान सब्जी, आलू, प्याज आदि लेकर आते हैं। बुधवार सुबह मंडी पहुंचे किसानों ने आढ़तियों को सब्जियां तो दी लेकिन उसके बदले पांच सौ और हजार का नोट लेने से इंकार कर दिया। कुछ आढ़तियों ने जैसे-तैसे सौ रुपये के नोट की व्यवस्था कर छोटे किसानों को भुगतान कर दिया। मुंडेरा के आढ़ती विजय कुमार एवं सतीश कुशवाहा ने बताया कि  आसपास के हिस्सों से सब्जी लेकर आने वाले किसान तथा दूसरे जिलों से आलू, प्याज, टमाटर, मटर, गोभी लेकर आने वाले किसानों को काफी समझाने के बाद पांच सौ और हजार रुपये के नोट में भुगतान किया। किसानों में बड़ी नोट को लेकर दहशत है सो उन्होंने ऐसी नोट इस शर्त पर ली है कि न चलने पर उसे वापस कर देंगे।

दरभंगा कॉलोनी की नीरू वैश्य दोपहर में कटरा स्थित सुनीता जनरल स्टोर में आटा, तेल, मसाला आदि पूरे महीने का सामान खरीदने पहुंचे। स्वाभाविक है कि उनके पर्स में पांच सौ हजार के ही नोट रहे होंगे। नीरू ने दुकानदारों को पर्ची थमाई तो उसने सामान निकालने के पहले उनके पास नोट के बारे में सवाल किया। नीरू ने जैसे ही कहा कि उनके पर्स में पांच सौ और हजार के नोट हैं, इस पर दुकानदार ने बड़ी नोट लेने से साफ इंकार कर दिया। यह समस्या सिर्फ नीरू की नहीं। अशोक नगर की गृहणी प्रियंका श्रीवास्तव, बहादुरगंज की सुनैना, दारागंज की पूनम गुप्ता जैसे हजारों महिलाओं को इस समस्या से दो-चार होना पड़ा। महीने की शुरूआत होने के कारण लोग राशन आदि जरूरत का सामान खरीदते हैं लेकिन बड़ी नोट पर रोक से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। कुछ लोगों ने जैसे-तैसे 100-50 के नोट की व्यवस्था कर दो-चार दिन के लिए जरूरत भर का सामान खरीद लिया लेकिन ज्यादातर लोग अब बैंक खुलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पांच सौ और हजार की नोट बदल कर किचन का सामान खरीद सकें।

बड़ी नोट का प्रचलन बंद होने से परेशान बड़ी संख्या में लोगों ने मेगा स्टोर्स का रुख किया। इसमें ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा रही, जिनके पास एटीएम कार्ड थे। सिविल लाइंस में बिग बाजार, स्पेंसर, विशाल मेगामार्ट, कटरा में जालान जैसे स्टोर्स में दोपहर बाद से ग्राहकों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। बिग बाजार और स्पेंसर में बड़ी संख्या सब्जी और फल खरीदने वालों की भी रही। इसके अलावा रोजमर्रा के जरूरत के सामान खरीदने के लिए भी ग्राहक जुटे। इसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। इन मेगा स्टोर्स के कैश काउंटरों पर भी पांच सौ और हजार के नोट न स्वीकार करने के सूचना बोर्ड लगा दिए गए। इस बीच लोगों ने हफ्ता-दस दिन के लिए सब्जी खरीदी तो आटा, चावल, दाल, चीनी समेत तेल, मसाले, मंजन आदि सामान लिया और भुगतान एटीएम कार्ड से किया।

इलाहाबाद। पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के असर ज्वैलरी शोरूमों में दिखाई दिया। बड़े नोट न लेने के कारण सहालग शुरू होने के बावजूद ज्यादातर शोरूमों में सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच सोने की कीमत में प्रति दस ग्राम चार हजार रुपये तक इजाफा होने की भी अफवाह उड़ी। इससे भी ग्राहक सहमे रहे। सिविल लाइंस में तनिष्क, रिलायंस जैसे ब्रांडेड शोरूमों के साथ ज्यादातर बड़े शोरूमों में पूरे दिन में गिनती के ही ग्राहक पहुंचे। इसमें से भी ऐसे ग्राहकों की संख्या ज्यादा रही, जिनके पास एटीएम कार्ड थे। कालिंदीपुरम के विरेंद्र सिन्हा की बिटिया का विवाह 25 नवंबर को है, सो वह सिविल लाइंस स्थित तनिष्क शोरूम पहुंचे लेकिन बिटिया के लिए जैसे गहने खरीदने की योजना बनाई थी, वैसे न खरीद कर एटीएम कार्ड से सिर्फ काम भर की ज्वैलरी खरीदी। उन्होंने कहा, बाकी ज्वैलरी स्थिति सामान्य होने के बाद बिटिया को खरीद कर देंगे। उधर, चौक, मीरगंज, जानसेनगंज, कीडगंज, अल्लापुर आदि बाजारों में भी ज्वैलरी शोरूमों से ग्राहक नदारत रहे।

पांच सौ और हजार के नोट बंद होने से नगर निगम और जलकल विभाग के बिल जमा होने वाले काउंटरों पर भी बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। नगर निगम में गृहकर जमा करने के लिए सुबह कुछ लोग पहुंचे। इस बीच काउंटर पर बैठे कर्मचारियों ने पांच सौ और हजार के नोट लेने से इंकार कर दिया। कहा, ऊपर से आदेश है कि बिल जमा करने वालों से बड़ी नोट न लें। आम तौर पर नगर निगम मुख्यालय के काउंटर पर प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख रुपये तक गृहकर जमा होता है लेकिन बुधवार को 10 हजार रुपये भी नहीं जमा हो सके। खुल्दाबाद, मुट्ठीगंज, कटरा, अल्लापुर, और नैनी जोन कार्यालयों के बिल काउंटरों पर भी यही हाल रहा। उधर, जलकल विभाग के बिल काउंटरों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।
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