इलाहाबाद। इलाहाबाद संग्रहालय में मंगलवार को ‘आरक्षण का इतिहास दशा एवं दिशा’ पर आयोजित राष्ट्रीय गोष्ठी में वक्ताओं ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की वकालत की। मुख्य वक्ता चिंतक गुरु प्रसाद मदन ने कहा कि जन्म के आधार पर आरक्षण को खत्म करके सबको एक समान शिक्षा और एक समान अवसर प्रदान करने की दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में एक ही परिवार बार-बार आरक्षण का लाभ पा रहा है जो इसके उद्देश्य को पूरा नहीं करता। वंचितों को इसका लाभ मिले इसके लिए नए प्रावधान किए जाने की जरूरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संग्रहालय के निदेशक राजेश पुरोहित ने कहा कि आरक्षण बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। इसके लिए व्यापक शोध की जरूरत है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक आरक्षण का लाभ कैसे पहुंचे इसके लिए सभी को आगे आकर प्रयास करना होगा। डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि अति पिछड़ी जातियों के लिए पृथक आरक्षण कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू करना चाहिए। इविवि छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री सुरेश यादव ने उप्र की सरकारी व्यवस्था पर निशाना साधा।
कार्यक्रम संयोजक प्रमोद शर्मा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू करने, महिलाओं और गरीब सवर्णों को आरक्षण दिलाने के लिए व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। प्रमोद ने कहा कि जिनको आरक्षण का लाभ एक बार मिल चुका है उनके परिवार को दोबारा इसका लाभ नहीं मिलना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन संयोजक शोध छात्र प्रमोद शर्मा और धन्यवाद ज्ञापन प्रदीप कुमार ने किया। कार्यक्रम में प्रशांत सिंह, आलोक त्रिपाठी, एसएन सिंह, राजनाथ, जेपी राय, आदि मौजूद रहे।