एमएलसी चुनाव में जोड़तोड़ भी शुरू हो गई है। इसी क्रम में जीत-हार के समीकरण को देखते हुए प्रत्याशियों पर नाम वापसी के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है। कमल कुमार मिश्रा पर नाम वापसी का दबाव पड़ने लगा है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं नेताओं ने कमल को फोन तथा संपर्क किया है। हालांकि, कमल पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
भाजपा एवं सपा उम्मीदवारों के अलावा अखिल भारतीय प्रधान संगठन के कमल कुमार मिश्रा के मैदान में आ जाने से मुकाबला काफी रोचक हो गया है। प्रधानों एवं बीडीसी सदस्यों के बीच उनकी अच्छी पहचान है। इससे लड़ाई त्रिकोणीय हो गई है। विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानों एवं बीडीसी सदस्यों ने शुक्रवार से धरने की घोषणा करके सपा एवं भाजपा उम्मीदवारों की चिंता और बढ़ा दी है।
ऐसे में नाम वापसी को लेकर कमल पर दबाव और बढ़ गया है। कमल प्रदेश सरकार में मंत्री रहे भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के करीबी रहे हैं। नाम वापसी के लिए उस नेता ने भी कमल से संपर्क किया। हालांकि कमल मिश्रा का कहना है कि वह पीछे नहीं हटेंगे।