कोरोना संक्रमण काल में कोविड संक्रमितों को ही नहीं सामान्य मरीजों का इलाज कराना मुश्किल हो रहा है। सोमवार रात इलाज न मिलने मेजा रामपुर से आई एक महिला की पति के सामने निजी वाहन में ही मौत हो गई। सरकारी और निजी अस्पतालों में उसे उपचार के लिए भर्ती नहीं किया गया। महिला की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन शव लेकर चले गए।
मेजा के रामपुर निवासी विजय शंकर पांडेय के मुताबिक वह पत्नी मीरा पांडेय (38) को सीने में दर्द होने का इलाज कराने शहर आए थे। शाम छह बजे से रात आठ बजे तक सरकारी और निजी अस्पतालों में गए। कहीं उनकी पत्नी को भर्ती नहीं किया गया। निजी अस्पतालों में उनकी पत्नी को कोरोना संक्रमित बता कर भर्ती नहीं किया। एसआरएन अस्पताल में बेड खाली न होने की बात कहकर वापस किया गया। दरभंगा कॉलोनी स्थित सरस्वती हार्ट केयर में गेट से ही वापस किया गया। जबकि बाई का बाग और बैरहना स्थित अस्पतालों में बिस्तर खाली न होना बताया गया।
विजय शंकर का आरोप है कि वह अस्पतालों में जाकर गिड़गिड़ाए पर किसी ने प्राथमिक उपचार न किया। रात करीब आठ बजे बैरहना स्थित निजी अस्पताल के बाहर जीप पर ही मीरा की जान चली गई। इस बीच सूचना पाकर विजय शंकर के कई रिश्तेदार उनके पास पहुंच चुके थे। मीरा की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन और पति शव लेकर रामपुर चले गए। मीरा की मौत से घर में कोहराम मचा है।