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बिना गुणवत्ता जांचें नहीं होगा कुंभ के कार्यों का भुगतान

Sun, 31 Mar 2019 01:26 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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बजरंगबली वार्ड की सड़क - फोटो : अमर उजाला
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कुंभ के मद्देनजर आनन-फानन में सड़कों का निर्माण कर दिया गया लेकिन अब वे धंसने लगी हैं। इस तरह की शिकायतें कई अन्य कार्यों में भी हुई हैं। इसके मद्देनजर मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने बिना जांच भुगतान न करने की हिदायत दी है। उनका स्पष्ट कहना है कि  कुंभ के कार्य जल्दी में हुए हैं लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो सकता। इसलिए इसी वित्तीय वर्ष में बजट खर्च करने की चाहत में बिना जांच के भुगतान न किया जाए।
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मंडलायुक्त ने कहा कि अंतिम ऑडिट रिपोर्ट जरूर देखी जाए। कुंभ के कार्यों की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर कटौती का प्रावधान है लेकिन वित्तीय वर्ष में फाइल निपटाने की जल्दबाजी में इस पर प्रभावी निगरानी में चूक की आशंका है। इसलिए सभी विभाग सजग रहें। भले ही भुगतान इस वित्तीय वर्ष में रोक देना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्दबाजी में अनियमित भुगतान पर अफसर दोषी होंगे और कठोर कार्रवाई होगी। वहीं मेला प्रशासन के अफसरों का कहना है कि भुगतान नियमानुसार किया जा रहा है। कई विभागों में कटौती के तहत बड़ी धनराशि बचाई जा रही है। यह राशि शासकीय कोष में वापस कर दी जाएगी।

प्रयागराज। कुंभ के मद्देनजर पूरे शहर में बड़े-बड़े गमलों में पौधे लगाए गए थे। इसके अलावा डिवाइडर, प्रमुख चौराहों पर पौधरोपण भी हुआ लेकिन कुछ महीने में ही पौधे सूखने लगे। इसकी शिकायत पर प्रशासन ने जांच बैठा दी है। डीएम तथा प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भानु चंद गोस्वामी इस जांच कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। जांच के पूरा होने तक संबधित ठेकेदार का भुगतान रोक दिया गया है।
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प्रयागराज। सपा नेताओं ने कुंभ के कार्यों में बड़े स्तर पर घोटाले का आरोप लगाया है। प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा के आवास पर हुई बैठक में कार्यकर्ताओं का कहना था कि सड़कें अभी से धंसने लगी हैं। विनय ने सभी कार्यों की सेवानिवृत्त जज से जांच कराने की मांग की। बैठक में नेहा यादव, शिव यादव, मकसूद अहमद, सुनील कुमार, शिवम, विजय सिंह कुशवाहा, राजेश कुशवाहा, शिवरतन केसरवानी, विजय मौर्य आदि मौजूद रहे।

सरकारी दफ्तरों में वित्तीय वर्ष के आखिरी सप्ताह में बजट खपाने की होड़ है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि शुक्रवार तक पांच दिनों में 352 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हुआ। इसमें ज्यादा भुगतान कुंभ के कार्यों का है। अकेले मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज को ही नौ करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। यह स्थिति तब है जब भुगतान की अवधि निर्धारित करने के साथ पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है।

पूर्व के वर्षों में बजट का बड़ा हिस्सा वित्तीय वर्ष के आखिर में खपाया जाता था। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने योजनाओं के पूरा होने तथा उनके भुगतान की अवधि निर्धारित कर दी है। पूर्व की  तारीखों में भुगतान न हो सके इसलिए पूरी प्रकिया भी ऑनलाइन कर दी गई है। इसके बावजूद मार्च के आखिरी पखवाड़ा में रोजाना तीन से चार गुना तक भुगतान हो रहा है। मुख्य कोषागार के अफसरों के अनुसार सामान्य दिनों में रोजाना 15 से 20 करोड़ रुपये का भुगतान होता रहा है। इसके विपरीत आखिरी सप्ताह में 60 से 70 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। 27 मार्च को तो 135.36 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। मुख्य कोषाधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन होने की वजह से रविवार को भी कोषागार खुला रहेगा और लेनदेन होगा।
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दिनांक        भुगतान करोड़ में
25 मार्च            66.31
26 मार्च            27.53
27 मार्च            135.36
28 मार्च            65.68
29 मार्च            68.32
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वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन रविवार को भी बैंक खुले रहेंगे। हालांकि सिर्फ सरकारी लेनदेन होंगे। सामान्य बैंकिंग नहीं होगी। इसलिए सरकारी खातों वाली शाखाएं ही खुलेंगी। इसके लिए डीएम की ओर से बैंकाें को भी पत्र भेजा गया है।
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