अवैध गिट्टी और बालू लदे वाहनों की धरपकड़ की बजाय धन उगाही की शिकायत पर एसएसपी शलभ माथुर ने चार चौकी प्रभारियों समेत पांच दरोगा और 19 सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। आईजी जोन की टीम ने मंगलवार रात बमरौली चौकी पर पुलिसवालों के सामने एक आदमी को बैरियर पर वाहनों से वसूली करते पकड़ा। इसके बाद प्रभारी समेत बमरौली चौकी का पूरा स्टाफ लाइन भेज दिया गया। कई थानेदारों और चौकी प्रभारियों को चेतावनी भी दी गई है।
आईजी जोन डॉ.केएस प्रताप कुमार को शिकायत मिली कि धूमनगंज थाने की बमरौली चौकी के सामने हर वक्त वाहनों को रोककर उगाही की जाती है। खासतौर पर रात में नोइंट्री छूटने के बाद बैरियर लगाकर ट्रकों से रात भर वसूली होती है। पुलिसवालों ने वसूली में एक प्राइवेट व्यक्ति को लगा रखा था ताकि कभी चेकिंग हो तो वे नहीं पकड़े जाएं। शिकायत पर मंगलवार रात आईजी ने शिकायत प्रकोष्ठ की टीम को जांच के लिए भेजा। टीम आधी रात चौकी के सामने पहुंची तो एक व्यक्ति बैरियर पर ट्रक ड्राइवरों से पैसे ले रहा था, जबकि सिपाही कुछ दूर पर खड़े देख रहे थे। आईजी की टीम ने वसूली कर रहे व्यक्ति को दबोचा और पैसे जब्त कर लिए। यह देख सिपाही भागने लगे।
आईजी जोन ने इस पर नाराजगी जाहिर की तो एसएसपी ने बमरौली चौकी प्रभारी राजीव कुमार सिंह, डायल 100 पीआरवी में तैनात हेड कांस्टेबल रज्जन सिंह, रामरूप सिंह, अवधेश यादव, सिपाही राघवेंद्र सिंह यादव, कमलेश पांडेय, बमरौली चौकी के ही रवींद्र कुमार सेन, अतुल कुमार सिंह, रवींद्र सिंह, इमामुल हक खां, सर्वेश कुमार, मेराज खां, रामविलास यादव, सुनील कुमार यादव, योगेंद्र नाथ सिंह, ओमप्रकाश सिंह, तुफैल खां, धीरज कुमार राय, सुलखान सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने आदेश दिया है कि वहां चौकी और डायल 100 में नए पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही लाइन हाजिर हुए पुलिसकर्मियों को अब देहात इलाके में तैनात किया जाएगा। उनकी ड्यूटी भी मुख्य मार्गों पर नहीं लगाई जाएगी ताकि वे भविष्य में धन उगाही नहीं कर सकें।
बमरौली चौकी पर कार्रवाई के साथ ही एसएसपी ने अवैध उगाही की शिकायतों के चलते ट्रांसपोर्ट नगर चौकी प्रभारी रोहित कुमार, करेली में रसूलपुर चौकी प्रभारी रामप्रवेश सिंह, फूलपुर थाने के दरोगा जयप्रकाश शर्मा, सिपाही रामनारायण सिंह को भी लाइन हाजिर किया है। अटाला चौकी प्रभारी इबरार अंसारी को पहले ही लाइन हाजिर कर दिया गया था, लेकिन आदेश मंगलवार रात जारी किया गया। साथ ही तीन थानेदारों और पांच चौकी प्रभारियों को अलग से चेतावनी दी गई है।
प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों को देखते हुए थानों से दलाल और कारखास पुलिसवाले हटाने का आदेश जारी किया गया था, इसके बावजूद इलाहाबाद में अब तक इस आदेश पर अमल नहीं हुआ है। कुछ दिन पहले एसएसपी ने सभी थानेदारों और सीओ से रिपोर्ट मंगाकर 50 से ज्यादा सिपाहियों को हटाया और गैर जनपद भी स्थानांतरित कराया, लेकिन सच यह है कि कारखास पुलिसवाले तो अब भी डटे हैं। उन्होंने थानेदार और सीओ से सेटिंग कर दूसरे सिपाहियों को बली का बकरा बना दिया। खुल्दाबाद, करेली, जार्जटाउन, सिविल लाइंस, कर्नलगंज, शाहगंज, धूमनगंज, कीडगंज समेत प्रमुख थानों में पुराने कारखास पुलिसवाले ही जमे हैं। इनमें कई थानों की जीप के ड्राइवर हैं जो कारखास का काम करते हैं। शाहगंज थाने के दो कारखास सिपाही तो व्यापारियों, टेंपो चालकों के लिए आतंक बने हैं।