Prayagraj News : श्रृंगवेरपुर धाम में सभा को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
- फोटो : प्रयागराज
युवाओं को मिलेगा रोजगार
कहा कि केशव इस परियोजना को प्रयागराज में स्थापित करने में मदद करेंगे। गडकरी ने कहा कि इससे नई ऊर्जा तो मिलेगी ही, युवाओं के हाथों को काम भी मिलेगा। उन्होंने इससे भय, भूख और भ्रष्टाचार मुक्त भारत के निर्माण के साथ विश्व गुरु बनाने का सपना भी पूरा होगा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े काम और विकास का श्रेय न मुझे है न केशव को और ना ही इस मंच पर बैठे किसी सांसद, विधायक या मंत्री को। गडकरी ने कहा कि इसका श्रेय यहां मौजूद जनता को है। जिसने हमें चुना है और यह ताकत दी है। अगर हमारे पास यह ताकत नहीं होगी तो हम इस तरह की योजनाएं नहीं बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि आप डबल इंजन की सरकार को दोबारा लाइए, हम विकास की इस धारा को और तेज कर देंगे, कभी रुकने नहीं देंगे।
Prayagraj News : श्रृंगवेरपुर धाम में सभा को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
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नोट कर लीजिए-मैं झूठ बोलने वाला नेता नहीं हूं, अगली बार पानी पर उतरेगा मेरा सी प्लेन
प्रयागराज। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को शृंगवेरपुर धाम में जनता को भरोसा दिलाया कि वह जो घोषणाएं कर रहे हैं, वह आने वाले समय में सफलीभूत होंगी। वह बार-बार करते रहे कि मैं झूठ नहीं बोलता हूं। उन्होंने कहा कि आप मेरे भाषण को नोट कर लीजिए। चाहे रिकार्ड कर लीजिए। इस बार तो हेलीकॉप्टर से आया हूं। अगली बार इन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के लिए सी प्लेन से आऊंगा और पानी पर ही मेरा जहाज उतरेगा। गडकरी के इस एलान पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
Prayagraj News : श्रृंगवेरपुर धाम में सभा को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
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डिप्टी सीएम की पहल पर हल्दिया से प्रयागराज तक जल मार्ग का हुआ विस्तार
नितिन गडकरी ने कहा कि जब में जहाजरानी मंत्री था, तब हल्दिया से वाराणसी तक जल मार्ग बनाने की योजना शुरू हुई। उस समय डिप्टी सीएम केशव मौर्य उनके पास आए और उन्होंने कहा कि जब तक प्रयागराज तक इस जल मार्ग का विस्तार नहीं होगा, तब तक इसके फायदेे से तीर्थनगरी के लोग परिचित नहीं हो पाएंगे। गडकरी ने बताया कि उन्होंने इसके बाद अफसरों की मीटिंग बुलाई। तब अफसरों ने उनसे कहा कि ऐसा संभव ही नहीं है। इस परियोजना के लिए विश्व बैंक ने इतनी ही रकम दी है। इसका विस्तार प्रयागराज तक नहीं हो सकेगा। तब मैंने अफसरों से कहा कि योजनाएं तुम्हारी मर्जी से नहीं, मेरी सोच से बनेंगी। मैं वर्ल्ड बैंक को इसके लिए पत्र भेज रहा हूं । इसके बाद इस जलमार्ग परियोजना का प्रयागराज तक विस्तार किया गया।