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Prayagraj : नौ महीने पहले इरफान के साथ बक्से का कारीगर बनने चित्रकूट गया था कल्लू

Sat, 24 Jan 2026 02:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

चित्रकूट में कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे आयुष केसरवानी का अपहरण कर हत्या के मामले में कई खुलासे हुए हैं। पता चला है कि घूरपूर थाना क्षेत्र के उभारी गांव निवासी साहिबे इमाम उर्फ कल्लू करीब नौ महीने पहले इरफान अंसारी के साथ चित्रकूट में बक्से का कारीगर बनने गया था।
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इरफान का भाई और परिवार के अन्य लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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चित्रकूट में कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे आयुष केसरवानी का अपहरण कर हत्या के मामले में कई खुलासे हुए हैं। पता चला है कि घूरपूर थाना क्षेत्र के उभारी गांव निवासी साहिबे इमाम उर्फ कल्लू करीब नौ महीने पहले इरफान अंसारी के साथ चित्रकूट में बक्से का कारीगर बनने गया था। उसने 23 जुलाई 2020 को उभारी गांव में अब्दुल रज्जाक की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी थी। इसमें कल्लू के अलावा परिवार की महिलाओं समेत अन्य सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया था।

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हत्या के जुर्म में उसे कई महीने जेल में रहना पड़ा, जहां से वह जमानत पर बाहर आया था। कोर्ट में मामला अभी विचाराधीन है। हत्या से संबंधित वादी शमा बानो सिद्दीकी ने 30 अक्तूबर 2022 को कल्लू की मां अनवरी, बहन चांदनी और एक अन्य व्यक्ति अकबर पर डरा-धमकाकर हत्या का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए एनसीआर दर्ज कराई थी। हालांकि, इसके बाद पुलिस रिकॉर्ड में कल्लू पर कोई अपराध दर्ज नहीं हुआ। वहीं, इस घटना की जानकारी होते ही गांव के लोग भी हैरत में पड़ गए।

पुलिस ने इरफान के दो भाइयों को भी उठाया

एनकाउंटर में घायल उभारी गांव निवासी इरफान का पुलिस की निगरानी में एसआरएन में इलाज चल रहा है। उसकी बहन की शादी चित्रकूट के बरगढ़ में हुई है। वहीं, इरफान की शादी कुछ दिन पहले उसके ही गांव उभारी में हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद से वह अपनी बहन की ससुराल बरगढ़ में ही रहकर बक्से की दुकान चलाता है। इरफान के एक और भाई शानू अंसारी भी वहीं अलग मकान बनाकर रहते हैं। उसके भाई इरशाद के अनुसार, भाई शानू को भी पुलिस ने रात में एक बजे घर से उठाया है। इरशाद का आरोप है कि उसके परिवार को इस मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है।

घर में प्यार से बेटू कहकर पुकारते थे परिजन

मकसूद अब्बासी के पांच बेटे और दो बेटियों में कल्लू तीसरे नंबर का था। वह परिवार में सभी का दुलारा था। घर में लोग उसे प्यार से बेटू कहकर बुलाते थे। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। कल्लू गांव और आसपास मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन कर रहा था। करीब नौ माह पहले बरगढ़ से अपने गांव आए इरफान अंसारी से कल्लू की मुलाकात हुई। इरफान ने उसे अपने साथ चलने का प्रस्ताव रखा। इस पर कल्लू ने घर से पूछकर बताने के कहा और पिता मकसूद अब्बासी से चर्चा किया तो उन्होंने खुशी-खुशी कहा कि इरफान के साथ रहकर हुनरमंद हो जाओगे।

पिता ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल

पिता मकसूद अब्बासी ने रोते बिलखते हुए कहा कि बेटा चित्रकूट में बक्सा बनाने का हुनर सीखने गया था लेकिन वह कब फिरौती वाला हुनर सीख गया पता ही नहीं चला। वहीं, कल्लू की मां और बहनों ने उसके द्वारा इतनी बड़ी घटना किए जाने को गलत बताया है और कहा कि उसके खिलाफ साजिश हुई है। पिता ने भी एनकाउंटर पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उसके बेटे को फर्जी तरीके से मारा गया है।

पांच सौ मीटर की दूरी पर हैं दोनों आरोपियों के घर

घटना में शामिल आरोपी कल्लू और इरफान अंसारी का घर महज 500 मीटर की दूरी पर है। हालांकि, इरफान अंसारी पिछले कई वर्षों से अपनी बहन की ससुराल बरगढ़ में ही रहता था और वहीं पर उसने बक्सा बनाने की दुकान डाल रखी थी। जब भी इरफान घर आता था तो अक्सर कल्लू और इरफान साथ-साथ दिखाई पड़ते थे।
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प्रयागराज-बांदा मार्ग पर चक्का जाम

घटना से आक्रोशित लोगों व व्यापारियों ने प्रयागराज-बांदा हाईवे को जाम कर दिया। जिससे आवागमन बाधित हो गया। जाम की स्थिति को देखते हुए शंकरगढ़ पुलिस ने मिश्रा पुरवा नहर पुलिया के पास चित्रकूट की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया। जिससे करीब चार घंटे तक यातायात ठप रहा। इस जघन्य घटना पर शंकरगढ़ व्यापार मंडल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद बरगढ़ सहित आसपास के कस्बों में आक्रोश का माहौल बना रहा।
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