‘कमरे से तीन साहित्य उठा ले गए
’छात्र देवेंद्र का दावा है कि तलाशी के दौरन उसके कमरे से एनआईए को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। मौके से दो मैगजीन ‘मशाल’ व ‘दस्तक’ की प्रतियां उठाकर ले गए। साथ ही ‘इलाहाबाद नागरिक समाज ’ की ओर से कुछ महीनों पहले प्रो.अनूप कुमार, जेएनयू के कार्यक्रम के संबंध में तैयार किया गया पर्चा भी ले गए। उसने यह भी बताया कि एनआईए की ओर से जब्त किए गए सामान की जाे सूची बनाई गई। उस पर यह भी लिखा है कि कमरे से कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला। छात्र ने कार्रवाई के तरीके को गलत बताया। कहा कि उनके घर जांच एजेंसी के लोग पांच से छह गाड़ियों में पहुंचे, जिससे आसपास घंटों दहशत का माहौल रहा।
इसी साल किया है एमए, जेआरएफ के लिए चयनित
देवेंद्र पुत्र बालादीन सिंह आगरा के फतेहाबाद के भलोखरा का रहने वाला है। उसने इसी साल राजनीति विज्ञान से एमए पास किया है। उसने बताया कि वह जेआरएफ के लिए भी चयनित हो चुका है। कहा कि वह इंकलाबी छात्र मोर्चा का सदस्य है। यह संगठन युवाओं के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है। वह ‘मशाल’ पत्रिका के संपादक मंडल में शामिल है, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर उसके लेख भी प्रकाशित होते रहते हैं। वह पिछले चार-पांच साल से प्रयागराज में रह रहा है। उसने स्नातक भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किया है।
नोटिस थमाकर लखनऊ कार्यालय में किया तलब
एनआईए ने देवेंद्र को पूछताछ के लिए लखनऊ कार्यालय में तलब भी किया है। पूछताछ के बाद एनआईए अफसरों की ओर से ही इस संबंध में उसे नोटिस भी रिसीव कराया गया। नोटिस एनआईए की डिप्टी एसपी रश्मि शुक्ला की ओर से जारी किया गया है, जो पिछले साल दर्ज केस (जिसकी विवेचना के क्रम में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही छात्र से पूछताछ की गई) की विवेचक भी है। नोटिस में कहा गया है कि जैसा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आप उपरोक्त केस के तथ्यों व परिस्थितियों से परिचित हैं, ऐसे में आपसे केस से संंबंधित पूछताछ की जानी है। इसी क्रम में आप 15 सितंबर को सुबह 11 बजे एनआईए के लखनऊ कार्यालय में उपस्थित हों।