युवा मंच के बैनर तले छात्रों ने नीट में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वीकार किया है कि नीट में धांधली की गई है और पेपर लीक हुए है। सरकार को तत्काल परीक्षा को निरस्त कराते हुए पुनर्परीक्षा की घोषणा करनी चाहिए, तभी अभ्यर्थियों के साथ न्याय होगा।
युवा मंच संयोजक राजेश सचान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणियां की हैं उससे केंद्र सरकार व एनटीए कटघरे में है। इससे छात्रों को न्याय की उम्मीद बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि इसमें कोई संदेह नहीं कि नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक हुआ है। हम लीक की सीमा का पता लगा रहे हैं।
इसके विपरीत छात्रों के पेपर लीक व धांधली के आरोपों को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एक सिरे से नकारते रहे हैं और इस तरह उनके द्वारा भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को बचाने की कोशिश की गई है। ऐसे में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। युवा मंच का मत है कि परीक्षा की शुचिता भंग हुई है और बड़े पैमाने पर धांधली की प्रबल संभावना है। ऐसे में इससे लाभान्वित छात्रों को चिंहित कर डिबार करना मुमकिन नहीं है। ऐसे में छात्रों को न्याय दिलाने व परीक्षा प्रणाली की साख के लिए आवश्यक है कि नीट यूजी की पुनर्परीक्षा आयोजित कराई जाए।