नीट के लिए प्रयागराज में 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और तकरीबन 15 हजार अभ्यर्थी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। परीक्षा अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा में चार विषयों जूलॉजी, बॉटनी, फिजिक्स और केमेस्ट्री से कुल 200 सवाल पूछे गए थे, जिनमें से 180 प्रश्नों का जवाब देना था। प्रत्येक विषय में दो सेक्शन ‘ए’ एवं ‘बी’ से क्रमश: 35 एवं 15 सवाल पूछे गए। ‘ए’ सेक्शन में सभी सवालों का अनिवार्य रूप से जवाब देना था, जबकि ‘बी’ सेक्शन में 15 में से 10 सवालों के जवाब देने थे। परीक्षा देकर केंद्र से बाहर आए परीक्षार्थियों ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस पर पेपर काफी कठिन था।
सुमेलित करने वालों सवालों की संख्या अधिक थी, जिन्हें हल करने के लिए काफी जूझना पड़ा। निगेटिव मार्किंग भी थी, ऐसे में चुनौती और बढ़ गई। नीट के विशेषज्ञ एमके गुप्ता भी मानते हैं कि सूमेलित करने वाले सवालों ने परीक्षार्थियों को उलझाकर रखा। इस प्रकार के सबसे अधिक 22 सवाल बायोलॉजी से पूछे गए, जबकि केमेस्ट्री से सात और फिजक्स से तीन सवाल पूछे गए। पेपर काफी स्तरीय था। फिजिक्स के सवाल सबसे ज्यादा कठिन थे। 18 से 20 सवाल बहुत ज्यादा कठिन थे। केमेस्ट्री के भी 10 से 12 सवाल कठिन थे, जबकि बायोलॉजी से जुड़े सवालों ने कुछ राहत दी। अगर किसी अभ्यर्थी ने 140 के आसपास सवाल हल किए हैं, तो परीक्षा में उसके सफल होने की संभावना काफी अधिक है।
बीटीसी-डीएलएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू
बीटीसी 2013, 2014 एवं 2015 और डीएलएड 2017 एवं 2018 (अवशेष/अनुत्तीर्ण) प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं रविवार को प्रयागराज के दो केंद्रों में आयोजित की गईं। प्रदेश भर से 26 हजार प्रशिक्षु इस परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे की पहली पाली में बाल विकास और अपराह्न दो से चार बजे की दूसरी पाली में शिक्षण अधिगम सिद्धांत की परीक्षा थी। प्रयागराज के सेवा समिति विद्या मंदिर परीक्षा केंद्र में पहली पाली में पंजीकृत 114 में से 75 और दूसरी में 45 में से 6 प्रशिक्षु उपस्थित रहे। वहीं, केएन काटजू में पहली पाली में पंजीकृत 29 में 17 और दूसरी पाली में पंजीकृत 15 में छह प्रशिक्षु उपस्थित रहे। सोमवार को विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्ययन का पेपर होगा।