गुलामी के प्रतीकों को समाप्त कर भविष्य की स्वर्णिम गाथा लिखना ही उद्देश्य
नैनी। हजारों मंदिरों को छोड़कर हिंदू समाज ने तीन मंदिर काशी, मथुरा, अयोध्या को मांगा था। मथुरा और काशी को मुक्त कराने का समय आ गया है।
माधव ज्ञान केंद्र में चल रहे बजरंग दल के शौर्य प्रशिक्षण के समापन समारोह में यह बातें राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया ने कही। उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्ष के कलंक के ढांचे को बजरंग दल ने नष्ट किया है। अब किसी ने पत्थर फेंकने की हिमाकत की तो जवाब पत्थर से दिया जाएगा। हमने तय किया है कि हिंदू समाज की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों को समाप्त किया जाएगा। कहा कि हिंदू धर्म विरोधियों को दल चेतावनी देता है कि यदि राष्ट में रहना है तो राष्ट्र की अस्मिता से खिलवाड़ करने का दुस्साहस बंद करे। नहीं तो परिणाम गंभीर होंगे।
बजरंग दल गुलामी के प्रतीक चिह्नों को समाप्त करते हुए आने वाले भविष्य की स्वर्णिम गाथा लिखने में जुटा है। हम निरंतर हिंदू धर्म, संस्कृति के संवर्धन व संरक्षण की ओर बढ़ रहे हैं। सामाजिक समरसता के भाव से धर्मांतरण पर भी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अब न धर्मांतरण होगा न गौ माता की हत्या होगी यह हमारा संकल्प है। धर्मांतरण लव जिहाद बंद ना हुआ तो बजरंग दल अपने शौर्य का परिचय देगा। 2024 तक बजरंग दल अजेय शक्ति खड़ा करेगा जो धर्म विरोधी राष्ट्र विरोधी शक्तियों को सबक सिखा सकें। संवाद
बजरंगियों ने किया प्रदर्शन
बजरंगियों ने आखिरी दिन लक्ष्य भेदने, लाठी भांजने का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का प्रारंभ राम भक्त हनुमान के चित्र पर दीप प्रज्वलन में माल्यार्पण कर किया गया। इसके उपरांत प्रांत संयोजक सत्य प्रताप ने अतिथियों व्यवस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं का परिचय कराया। कार्यक्रम में फलाहारी आश्रम के महंत स्वामी राम रतन दास जी महाराज, सुदामा कुटी के महंत लाल बाबा, प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार, सह संयोजक आनंद, मुकेश कुमार, विमल प्रकाश, सुरेश अग्रवाल, सत्य प्रकाश मिश्रा बबलू, अभिमन्यु शाही, अभिषेक पाठक, डॉ. चंद्र निधान, रवि तिवारी, गुलाब प्रसाद मिश्र, श्याम चंद्र, अमित पाठक, ज्ञानेश्वर शुक्ला आदि मौजूद रहे।
राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ बजरंग दल चट्टान बनकर खड़ा
बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया ने रविवार को कहा कि हिंदू समाज की रक्षा के लिए एकजुट होना पड़ेेगा। राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ बजरंगदल चट्टान बनकर खड़ा है। कहा कि हम निरंतर हिंदू धर्म, संस्कृति के संवर्धन व संरक्षण की ओर बढ़ रहे हैं।
माधव ज्ञान केंद्र में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि सामाजिक समरसता के भाव से धर्मांतरण पर भी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने शौर्य प्रशिक्षण वर्ग व संगठन की ओर से दो व तीन नवंबर को एक लाख यूनिट रक्तदान कराने के साथ ही जुलाई व अगस्त में साढ़े पांच लाख पौधरोपण करने की बात भी बताई। इस दौरान 70 साल पहले बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने संबंधी जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी के बयान पर उन्होंने तीखा पलटवार किया।