दीवार बनाने का भी चल रहा है तेजी से काम
एनसीअर के दोनों ही मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए रेलवे ट्रैक को तमाम स्थान पर बदलने के साथ ही रेलमार्ग किनारे दीवार बनाने का भी काम तेजी से चल रहा है। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग भी मिशन रफ्तार का ही हिस्सा है।
इसका मुख्य फायदा यह है कि जिस रेल खंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग रहती है, वहां दो स्टेशनों के बीच एक साथ चार से पांच ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इस सिस्टम में लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर के बाद लगातार सिग्नल दिए जाते हैं । उधर, एबसोल्यूट सिग्नलिंग प्रणाली में जब तक एक ट्रेन अगले स्टेशन को पार न कर लें तब तक उसके पीछे वाले स्टेशन से ट्रेन चलाई नहीं जाती।
ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए सिग्नलिंग और दूरसंचार संबंधी आधारभूत संरचना मामले में लगातार सुधार हो रहा है। इस वित्तीय वर्ष में तकनीकी उन्नयन में निवेश करने वाले सभी क्षेत्रीय रेलों में एनसीआर तकरीबन 317 करोड़ के कुल निवेश से पहले स्थान पर रहा। - डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर
तकनीकी की क्षेत्र में एनसीआर की अन्य उपलब्धियां
जोन के कई स्टेशनों पर 37 नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) को स्थापित किया गया।
जोन में कुल 395 लेवल क्त्रसॅसिंग गेट इंटरलॉकिंग से कर दिए गए लैस।
कुल 121.3 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल चालू किया गया है।
एनसीआर के 296 स्टेशन पर अब तक उपलब्ध हो चुकी है वाईफाई सेवा