प्रदेश भर में 599 न्यायिक कक्ष का निर्माण, 311 हुए तैयार
0 सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार जिस प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने का कार्य कर रही है, उसी प्रकार से न्यायिक क्षेत्र में भी आमजन की आकांक्षाओं की पूर्ति करने और उसे समय पर न्याय मिल सके, इस दृष्टि से भी कार्य कर रही है। सीएम ने इस दौरान सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को भी गिनाया। कहा कि प्रदेश में 599 न्यायिक कक्ष वर्तमान में बनाये जाने है, जिसमें से 311 तैयार हो चुके है और 288 निमार्णाधीन है। न्यायधीशों के आवासीय व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 611 आवास स्वीकृत किये गये थे, जिसमें से 247 बन कर तैयार और 364 वर्तमान में निर्माणाधीन है।
न्यायालयों के डिजिटाइजेशन के लिए दिए 70 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युग डिजिटल का युग है। कोरोना महामारी के दौरान हम लोगों ने तकनीक के इस महत्व को समझा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों में भी डिजीटाइजेशन के लिए लगभग 70 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये है। उच्च न्यायालय के कम्प्यूटर क्रय के लिए 30 करोड़ रुपये, अधीनस्थ न्यायालयों में कम्प्यूटर क्रय और अनुरक्षण के लिए 20 करोड़ रूपये और न्यायिक अधिकारियों के नवीन लैपटॉप के लिए 18 करोड़ रूपये की धनराशि राज्य सरकार ने पहले से ही स्वीकृत की है।
प्रयागराज की महिमा का भी सीएम ने किया बखान
0 सीएम ने अपने भाषण की शुरूआत में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधी एनवी रमणा का स्वागत करते हुए कहा कि प्रयागराज की धरती गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी की भूमि है। पूरा देश व दुनिया त्रिवेणी की इस धरती पर संगम में स्नान करके अपने जीवन में सफलता की कामना को लेकर आते हैं।
एक आम जनमानस त्रिवेणी के इस धरती पर धर्म, न्याय और शिक्षा के इस प्रमुख केंद्र से प्रत्यक्ष अनुभूति पा करके भी अपने आप को धन्य महसूस करता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट को एशिया का सबसे बड़ा हाईकोर्ट बताते हुए कहा कि यहां प्रदेश की 24 करोड़ जनता न्याय प्राप्त करने के लिए आती है। कुंभ के समय प्रयागराज की आधारभूत संरचना के लिए केन्द्र व राज्य सरकार ने बेहतरीन पहल की थी। बेहतर आधारभूत संरचना का विकास करने के की वजह से प्रयागराज कुम्भ में 24 करोड़ श्रद्धालुओं को सहभागी बनाने में सफलता प्राप्त हुई।
शहर पश्चिमी की पहचान न्याय के क्षेत्र में बनेगी - सिद्धार्थनाथ
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को प्रयागराज में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय का नामकरण देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर करने की घोषणा की।
सूबे के कैबिनेट मंत्री और शहर पश्चिमी विधानसभा के विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि आने वाले समय में शहर पश्चिम विधानसभा की पहचान न्याय के क्षेत्र में बनेगी। शनिवार को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्टीय विधि विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। यह विश्वविद्यालय शहर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में ही है। इसके लिए राष्ट्रपति का आभार कि विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के लिए प्रयागराज आए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का नामकरण करने की घोषणा की। शहर पश्चिम विधानसभा का विधायक होने के नाते सीएम के इस निर्णय का स्वागत है। विश्वविद्यालय का नाम देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के नाम पर करके सीएम ने विधि शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
Prayagraj News : हाईकोर्ट के कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
- फोटो : प्रयागराज
कायस्थ समाज ने सीएम योगी के प्रति जताया आभार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज का नामकरण भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के नाम पर करने का निर्णय लिया। यह निर्णय करके उत्तर प्रदेश सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ा दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय का अंतर्राष्ट्रीय कायस्थ संघ ने एक बैठक कर मुख्मयंत्री का आभार जताया और कहा कि लंबे अरसे से प्रथम राष्ट्रपति के नाम पर इस विवि को करने की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने इसे अमली जामा पहनाकर कायस्थ समाज को गौरवान्वित करने का काम किया है। बैठक की अध्यक्षता न्यास के संयोजक डा. सुशील सिन्हा ने की।
न्यास के अध्यक्ष दिनेश खरे ने बताया कि प्रयागराज के उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज का नामकरण भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के नाम पर करने से उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय विधि शिक्षा का केंद्र बनेगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की मौजूदगी में 297 करोड़ की लागत से प्रयागराज में बनाए जाने वाले इस राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की आधारशिला रखे जाने से कायस्थ समाज बेहद खुश है।
दिनेश खरे ने कहा कि विधि विश्वविद्यालय का नाम देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर रखने का निर्णय बहुत दूरगामी परिणाम देगा। डा. प्रसाद का संगमनगरी से आत्मीय नाता था। अपने जीवनकाल में वह हर कुंभ में आए। मुख्यमंत्री के इस कदम से अकेले प्रयागराज ही नहीं पूरा देश का कायस्थ समाज में हर्ष की लहर है । न्यास के उपाध्यक्ष संजय अस्थाना ने बताया कि बैठक में प्रस्ताव पास कर मुख्यमंत्री व राष्ट्रपति को संयुक्त रूप से न्यास की ओर से बधाई देते हुए आभार जताया गया है। उक्त जानकारी न्यास के राष्ट्रीय मीडिय प्रभारी राजेश श्रीवास्तव ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।