महंत नरेंद्र गिरि को सर्वसम्मति से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष चुना गया
तकरीबन पांच वर्षों की लंबी कवायद के बाद अंतत: 14 मार्च 2015 को बड़ा उदासीन अखाड़े के उज्जैन स्थित आश्रम में हुई परिषद की बैठक में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि को सर्वसम्मति से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष चुना गया। बड़ा उदासीन अखाड़े के श्रीमहंत रघुमुनि ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा जिसका महानिर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत प्रकाश पुरी ने समर्थन किया था। वहीं जूना अखाड़े के महंत हरिगिरि को दोबारा परिषद का महामंत्री चुना गया।
दिगंबर अनी के श्रीमहंत रामकृपाल दास ने फोन से अपना समर्थन जताया था
परिषद की बैठक में जूना अखाड़े के सचिव महंत नारायण गिरि, महंत उमाशंकर भारती, निरंजनी अखाड़े के महंत रामानंद पुरी, महंत आशीष गिरि, महानिर्वाणी के महंत प्रकाश पुरी, बड़ा उदासीन के श्रीमहंत महेश्वर दास, नया के महंत सर्वेश्वर मुनि, आनंद अखाड़े के महंत शंकरानंद सरस्वती, महंत सागरानंद सरस्वती, अटल अखाड़े के महंत उदय गिरि, आवाहन अखाड़े के महंत समुद्रगिरि, अग्नि अखाड़े के श्रीमहंत गोविंदानंद ब्रह्मचारी, निर्मल अखाड़े के महंत गोपालसिंह कोठारी और निर्मोही अनी के श्रीमहंत मदनमोहन दास ने अपना समर्थन व्यक्त किया। वहीं बैठक में शामिल न हो पाने की स्थिति में निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास और दिगंबर अनी के श्रीमहंत रामकृपाल दास ने फोन से अपना समर्थन जताया था।