महंत नरेंद्र गिरि का सुसाइड नोट
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महंत नरेंद्र गिरि के 13 पन्नों के सुसाइड नोट की सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। एक्सपर्ट एक एक हर्फ की पड़ताल कर रहे हैं। नरेंद्र गिरि के दस्तखत और लिखावट के तमाम पुराने पेजों को इकट्ठा किया गया है। राइटिंग और दस्तखत के मिलान किए जा रहे हैं।
महंत नरेंद्र गिरि ने 13 पन्नों के सुसाइड नोट में अपनी पीड़ा का बयान किया था। उन्होंने आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को जिम्मेदार ठहराते गए बताया था कि आनंद ने किसी महिला के साथ उनकी फोटो एडिट करके वीडियो बना लिया है। वह वीडियो को वायरल करने वाला। इसी कारण वह आत्महत्या कर रहे हैं। महंत ने न सिर्फ ब्लैकमेलिंग की बात कही बल्कि बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी भी घोषित किया था।
इसके अलावा उन्होंने अपने करीबी शिष्यों के नाम भी लिखे थे जिनका ख्याल रखना है। उन्होंने दो लोगों के नाम भी लिखे जिनसे 25-25 लाख लेने थे। 13 पन्नों के सुसाइड नोट के एक एक अक्षर की पड़ताल की जा रही है। नरेंद्र गिरि वैसे तो बहुत की कम लिखते पढ़ते थे लेकिन मठ प्रशासन से सीबीआई ने उनके द्वारा लिखे सभी दस्तावेजों को मांगा है।
उन्होंने जहां जहां दस्तखत किए हैं, उन सारे कागजातों को एक्सपर्ट अध्ययन कर रहे हैं। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सुसाइड नोट में जिन जिन लोगों के नाम लिखे हैं, उन्हें निगरानी पर रखा गया है। उनके बारे में मालूमात इकट्ठी की जा रही है।