वादी मुकदमा हैं अमर गिरि
जेल में रहने के दौरान ही 31 मार्च 2023 को जिला जज की अदालत ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में आरोप सृजित करने के साथ ही मामले का ट्रायल शुरू हो गया।
अमर गिरि मामले का वादी मुकदमा है। इसलिए सबसे पहले इसी की गवाही ही होनी है। लेकिन, वह लगतार गवाही देने से भाग रहा है। इससे पहले वह हाईकोर्ट में भी हलफनामा दाखिल कर कह चुका है कि उसने एफआईआर लिखाई ही नहीं है। हालांकि, अब मामला परीक्षण (ट्रायल) के स्तर पर है और वह फिर गवाही देने से बच रहा है। बरहाल कोर्ट ने फिर से गैर जमानती वारंट जारी कर गवाही के लिए 18 जनवरी की तारीख नियत की है।