पिछड़ा वैश्य सम्मेलन में रविवार को प्रयागराज के बड़े वैश्य नेताओं में शुमार एवं सूबे के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और मेयर अभिलाषा गुप्ता को बोलने का मौका नहीं दिया गया। दोनों ही नेता तकरीबन दो घंटे मंच पर रहे। उनके सामने कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, सांसद रीता बहुगुणा जोशी एवं प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को बोलने का मौका दिया गया, लेकिन इन दोनों ही वैश्य बिरादरी के नेताओं को भाषण देने का अवसर नहीं मिला। इसे लेकर नंदी और अभिलाषा के समर्थकों में नाराजगी रही। सांसद केशरी देवी पटेल का भी भाषण नहीं हुआ।
शहर में पिछले कई दिनों से पिछड़ा वर्ग महाकुंभ की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम संयोजक एवं भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता प्रयागराज में ही हैं। रविवार को कार्यक्रम में भीड़ भी ठीक ठाक आई।
हालांकि मंच पर पिछड़ा वैश्य की जगह सर्व समाज का ज्यादा प्रतिनिधित्व दिखा। मंच पर सभी पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल, विधायक संजय गुप्ता, विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, विधायक विक्रमाजीत मौर्य, विधायक राजमणि कोल, विधायक डाक्टर अजय भारती, क्षेत्रीय महामंत्री अमरनाथ यादव, क्षेत्रीय मंत्री कमलेश कुमार, क्षेत्रीय मंत्री निर्मला पासवान, क्षेत्रीय मंत्री अनुसूचित मोर्चा सुरेंद्र चौधरी, गंगा पार अध्यक्ष अश्वनी दुबे, यमुनापार अध्यक्ष डॉ विभव नाथ भारती, सुबोध सिंह, अवधेश गुप्ता, कुंज बिहारी मिश्रा, रवि केसरवानी आदि की मौजूदगी रही।
मंच पर इतनी भीड़ देकर यही लगा कि कार्यक्रम पिछड़ा वैश्य सम्मेलन का नहीं, बल्कि सर्व समाज का है। भाजपा संगठन पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम की तैयारियों में पिछले कई दिनों से जुटे हुए थे।