स्वास्थ विभाग में संविदा नियुक्ति
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
नौकरी सरकारी हो, नियमित या संविदा पर, कोई फर्क नहीं पड़ता। बिना पैसा खर्च किए बात नहीं बनने वाली। इंटरव्यू में सिर्फ नाम-पता पूछेंगे और दफा कर देंगे। जी हां बात स्वास्थ्य महकमे में विभिन्न पदों पर संविदा में चल रही नियुक्तियों के बारे में हो रही है। पहले कौशाम्बी और फिर इलाहाबाद, हर जगह घपले और घोटाले की भरमार है। यह जानकर हैरानी होगी कि स्वास्थ्य महकमे में संविदा पर विभिन्न पदों पर नियुक्त किए जा रहे कर्मचारियों का कॉन्ट्र्रैक्ट नौ दिन बाद यानी 31 मार्च को समाप्त हो जाएगा और इसके बाद रिन्यूवल के नाम पर कुछ अफसरों और नेताओं को फिर से कमाने का मौका मिल जाएगा।
कौशाम्बी में लैब अटेंडेंट के तीन अनारक्षित पदों पर ओबीसी वर्ग के दो और एक एससी वर्ग के अभ्यर्थी की नियुक्ति की गई। ओबीसी वर्ग में नियुक्त दोनों अभ्यर्थी यादव जाति के हैं। कौशाम्बी के बाद अब इलाहाबाद का नंबर आया है। सत्तारूढ़ दल के तमाम नेता अपने लोगों को सेट कराने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। इलाहाबाद में 21 मार्च को स्टेनली रोड स्थित जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी कार्यालय में एसटीएस (सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर), पीआरओ (डीबीटीबी), नर्स ब्लड बैंक, डाटा मैनेजर, डाटा इंट्री ऑपरेटर (ब्लड बैंक), काउंसलर, लैब अटेंडेंट, लैब तकनीशियन, ड्राइवर और स्वीपर कम चौकीदार पद के लिए इंटरव्यू लिए गए। इंटरव्यू के विज्ञापन में स्पष्ट किया गया था कि अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण अगर साक्षात्कार की तिथि आगे बढ़ाई जाती है तो इसकी सूचना दी जाएगी। 21 को इंटरव्यू देने के लिए वहां लंबी लाइन लगी रही। शाम तक दर्जनों अभ्यर्थी इंटरव्यू का इंतजार करते रहे। अचानक उनसे मौखिक तौर पर कहा गया कि बाकी अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 22 को होगा।
फतेहपुर से यहां एसटीएस का इंटरव्यू देने आए शिव प्रताप सिंह ने रात रेलवे स्टेशन पर बिताई। मंगलवार को इंटरव्यू देने पहुंचे तो कमेटी के सदस्यों ने नाम-पता पूछकर उन्हें दफा कर दिया। इसी पद पर इंटरव्यू देने आए रतन त्रिपाठी ने बताया कि उनसे सिर्फ नाम-पता पूछा गया और कहा गया कि अब जा सकते हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि सबकुछ पहले से तय है। इंटरव्यू दिखावा है, नियुक्तियां पहले से ही हो चुकी हैं। सिर्फ औपचारिक रूप से परिणाम घोषित होने का इंतजार है। यह आरोप भी लगाया कि हर पद पर भर्ती के लिए तीन से पांच लाख रुपये लिए जा रहे हैं। संविदा नियुक्तियों में खेल सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। नियुक्तियां 31 मार्च 2016 तक के लिए की जा रही हैं। ऐसे में नौ दिन बाद कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाएगा और पहली अप्रैल से रिन्यूवल होगा। भर्ती में रिन्यूवल की आड़ में भी खेल होगा। सूत्रों के मुताबिक रिन्यूवल के नाम पर लंबा लेन-देन होगा।
कौशाम्बी में स्वास्थ्य महकमे में संविदा भर्ती में घपले का मामला सामने आने के बाद कमिश्नर राजन शुक्ला ने कौशाम्बी के डीएम से इस बारे में जानकारी मांगी है। कमिश्नर का कहना है कि अब तक उन्हें इस बाबत कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने डीएम से मौखिक रूप से जानकारी मांगी है।